भरभरा कर धराशाई हो गई श्री गोपीनाथ जी की 300 वर्ष पुरानी हवेली, बाल-बाल बचे दर्शनार्थी

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/06/11 04:45

कांमा। एक ओर जहां राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे प्राचीन धरोहरों को लेकर गंभीरता दिखाती हुई नजर आ रही है वहीं स्थानीय प्रशासन सरकारी निर्देशो की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहा है। जिसका जीता जागता उदाहरण कामां कस्बे के प्राचीन मंदिर श्री गोपीनाथ जी की 300 वर्ष पुरानी हवेली भरभरा कर धराशाई हो गई और दर्शन करने आए दर्शनार्थी बाल-बाल बच गए। ऐसे में एक बड़ा हादसा होने से टल गया लेकिन स्थानीय प्रशासन का नुमाइंदा अभी तक नहीं पहुंचा। जबकि पूर्व में भी स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है।

मंदिर पुजारी दैत्यारी बाबा ने बताया कि मंदिर श्री गोपीनाथ जी की हवेली करीब 300 वर्ष पुरानी है जो पूरे तरीके से क्षतिग्रस्त हो गई कुछ दिन पहले मंदिर हवेली को खाली करा दिया गया था। लेकिन हवेली की बगल में से प्रतिदिन सैकड़ों दर्शनार्थी मंदिर की परिक्रमा करते हैं। हवेली क्षतिग्रस्त होने के बारे में प्रशासन को पूर्व में ही लिखित व मौखिक रूप से अवगत करा दिया गया लेकिन प्रशासन ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा और आज हवेली धराशायी हो गई और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। लेकिन प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई भी नुमाइंदा मौके पर नहीं पहुंचा। जिसको लेकर स्थानीय प्रशासन के खिलाफ दर्शनार्थी पर आमजन में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
 

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