सवाई माधोपुर विधानसभा चुनावों में अब तक ये रही है कुछ खास बातें

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/10/12 09:46

सवाई माधोपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनावों का शंखनाद हो चुका है । भाजपा और कांग्रेस सहित तमाम छोट बडे दल चुनावी तैयारीयों में जुट चुके है । प्रदेश की राजनिति में सवाई माधोपुर क्षेत्र का शुरु से ही अच्छा खास दबदबा रहा है । विगत विधानसभा चुनाव 2013 में सवाई माधोपुर विधानसभा क्षेत्र से जयपुर राजघरानें से तालूक रखने वाली राजकुमारी दिया कुमारी यहां से विधायक चुनी गई । और अपने पांच साल के इस कार्यकाल में दिया कुमारी ने सवाई माधोपुर क्षेत्र के लिये कई ऐतिहासिक कार्य करवाये है । सवाई माधोपुर के लोगों को विधायक दिया कुमारी से खासा उम्मीदें थी । मगर क्षेत्र में कई ऐसे काम है जिन्हे करने में विधायक असफल रही । पेस है सवाई माधोपुर विधानसभा पर हमारी एक खास रिर्पोट-

सवाई माधोपुर का इतिहास-
सवाई माधोपुर शहर देश और प्रदेश में ही नही बल्कि पूरे विश्व में अपनी एक अलग पहचान रखता है और विश्‍व स्तर पर सवाई माधोपुर को टाईगर सिटी के नाम से जाना जाता है । यहां का रणथम्भौर नेशनल पार्क बाघों की अठखेलियों को लेकर प्रसिद्ध है । सवाई माधोपुर शहर की स्थापना जयपुर के पुर्व महाराजा सवाई माधो सिंह प्रथम द्वारा18वीं शताब्दी 1763 में की गई थी । महाराजा सवाई माधोसिंह द्वारा इस शहर की स्थापना करनें के बाद उन्हीं के नाम पर इस जगह का नाम सवाई माधोपुर शहर पडा । सवाई माधोपुर रणथम्भौर नेशनल पार्क ही नही अपितू अपने मंदिरों के लिये भी प्रसि़द्ध है । यहां के हर मंदिर के साथ कोई ना कोई अद्भुत कहानी जुडी हुई है । यहां का रणथम्भौर दुर्ग स्थित सुप्रसिद्ध त्रिनेत्र गणेश मंदिर देश में नही बल्कि विदेशों में भी अपनी अलग पहचान रखता है । वास्‍तुशिल्‍प से सजे यहां के मंदिर बडी संख्या में श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचते है । 

सवाई माधोपुर का इतिहास यहां के रणथम्भौर दुर्ग के आप पास घुमता है । विंध्याचल और अरावली की पहाडीयों से घिरे रणथम्भौर दुर्ग के बारे में हांलाकी अभी तक ईतिहासकारों को इसके र्निमाण के तथ्यों के बारे में सही सही और पुर्ण जानकारी तो नही मिल पाई है । लेकिन यह इस किले की तातक और दुर्गम रास्ता इसे शत्रुओं से सुरक्षा प्रदान करता था । विशेष रुप से दिल्ली ओर आगरा के शासक यहां पहुंचने में असमर्थ लगते थे । रणथम्भौर के प्रमुख शासक राव हम्मिर देव चौहान थे । जिन्होने यहां 1296 के आस पास शासन किया था । रणथम्भौर दुर्ग की सुंन्दर वास्तुशिल्प तालाब और झील इसके र्निमाण के कला प्रेम और ज्ञान को दर्शाता है । किले का प्रत्येक हिस्सा भारतीय संस्कृति और दर्शन का प्रतीक है ।

किले के अन्दर ऐतिहासिक महत्व के अनेक स्थान है । जैसे गणेश मंदिर जैन मंदिर बादल महल जंवरा भंवरा अन्नागार दिल्ली दरवाजा हम्मीर महल हम्मीर कचहरी तोरण द्वार महादेव छत्री सामतों की हवेली 32 खंबों की छतरी मस्जिद काली मंदिर सत्यनारायण जी का मंदिर आदी । सवाई माधोपुर का रणथम्भौर दुर्ग भरत के महत्वपुर्ण दुर्गो में सुमार है । यह दर्ग सघन जंगल और सात पहाडियों से बिच चम्बल तथा बनास नदी से घिरा हुवा अभेद दुर्ग है । यह दुर्ग अरावली और विन्ध्याचल पर्वत श्रृंखला के मिलान बिंदू पर बना हुवा है । इसकी महत्वता को देखते हुवे 21 जुन 2013 को इसे विश्व विरासत सुची में शामिल किया गया था । रणथम्भौर नेशनल पार्क सवाई माधोपुर का प्रमुख पर्यटक स्थल है । यह देश के बेहतरीन टाईगर रिर्जव क्षैत्रों में से एक है । सवाई माधोपुर का काला गौरा भैरव मंदिर तान्त्र विधा की साधना के लिये जाना जाता है । सवाई माधोपुर शहर अपनी वास्तुशिल्प हस्तशिल्प वन्यजीवों की चित्रकारी के साथ ही चांदी की मंण्डी और अपनी वन्यजीव प्रेम के लिये जाना जाता है ।

1-सवाई माधोपुर विधानसभा क्षेत्र
सवाई माधोपुर विधानसभा का चुनावी इतिहास 1952 से लेकर 20013 तक के विधानसभा चुनावों को देखा जाऐ तो यहा अधिकतर कांग्रेस विजय रही है यहा अब तक 15 बार विधानसभा चुनाव हुवे है जिसमें से 6 बार कांग्रेस विजय रही है । इस दौरान यहा से...
1952 में कॉग्रेस के शिवदास गोयल
1957 कॉग्रेस के ही आबिद अली
1957 में कॉग्रेस के मांगीलाल
1962 में एसडब्लूटी के रामसिंह
1967 में एसडब्लूटी के हरीबल्लभ
1972 में कॉग्रेस के फारुख हसन
1977 जनता पार्टी के मन्जुर अली
1980 भाजपा के हंसराज
1985 मोतीलाल मीणा र्निदलीय
1990 में जनता दल से मोतीलाल मीणा
1993 में नरेन्द्र कॅवर र्निदलीय
1998 में कांग्रेस से यासमिन अबरार
2003 में भाजपा से डॉ किरोडीलाल मीणा और
2008 में कांग्रेस से अल्लाउदिन आजाद
2013-भाजपा से राजकुमारी दिया कुमारी है

सवाई माधोपुर विधानसभा सीट से एक मात्र मोतीलाल मीणा ही लगातार दो बार विधायक रहे है जिसमें एक बार निर्दलयी व एक बार जनता दल से विजयी रहे है सवाई माधोपुर विधानसभा सीट से 1952से लेकर 2013 तक अगर मोतीलाल मीणा को हटा दिया जाये तो कोई भी उम्मीदवार अपना परचम दोबारा नही लहरा पाया है । मजे की बात यह भी है की यहां लगभग हर चुनावों में त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिती रही है ।

2- पिछले 2013 के विधान सभा चुनावों के नतीजा
2013 में सवाई माधोपुर विधानसभा सीट पर कुल 13 उम्मीदवारों नें विधानसभा में जाने के लिए अपना भाग्य आजमाया । जिनमें मुख्यत कांग्रेस से दानिश अबरार राजपा से डॉ किरोडी लाल मीणा और भाजपा से राजकुमारी दिया कुमारी मैदान में थे । जिनमें कांग्रेस के दानिश अबरार को 39187 राजपा के डॉ किरोडी लाल मीणा को 49852 और भाजपा की राजकुमारी दिया कुमारी को 57384 वोटों से ही संन्तोष करना पडा था । इस मुकाबले में भाजपा की राजकुमारी दिया कुमारी ने अपने निकटतम प्रतीद्धन्धी राजपा के डॉक्‍टर किरोडी लाल मीणा को 7532 मतों शिकस्त देकर विजयी रही । हांलाकी अब डॉक्‍टर किरोडी लाल मीणा की भाजपा में घर वापसी हो गई है ।

जातिगत समीकरण
सवाई माधोपुर विधानसभा सीट पर हर बार चुनावों में त्रिकोणीय संघर्ष रहता है । इसका मुख्य कारण है यहां का जातीगत समिकरण ।
सवाई माधोपुर विधानसभा सिट पर जातीगत समिकरण
सवाई माधोपुर विधानसभा क्षैत्र में साल 2013 के विधानसभा चुनावों में मतदाताओं की संख्या 199761 थी । लेकिन इस बार विधानसभा क्षेत्र में करिब 35317 मतदाओं की संख्या में बडोतरी हुई है । और इस बार 2018 के विधानसभा चुनावों में सवाई माधोपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदात की संख्या 235153 है ।
कुल मतदाता- 235153
पुरुष मतदाता- 124706
महिला मतदाता-110447
1-अनुसूचित जन जाती - 45000
2-अनुसूचिज जाती - 38000
3-मुस्लिम - 44000
4-महाजन-  20000
5-ब्रहाम्ण - 18000
6-गुर्जर-   19000
7-माली-   16000
8-राजपुत- 10000
9-अन्य-   25000
              विधानसभा सिट सवाई माधोपुर
       विधायक दीया कुमारी का संक्षिप्त परिचय

जयपुर राजघरानें के पूर्व महाराजा ब्रिगेडियर स्वर्गीय सवाई भवानी सिंह (महावीर चक्र विजेता) की पुत्री राजकुमारी दीया कुमारी का जन्म 30 जनवरी को दिल्ली में हुआ था। दिया कुमारी की प्रारम्भिक पढ़ाई-लिखाई मॉडर्न स्कूल, नई दिल्ली व महारानी गायत्री देवी गर्ल्‍स स्कूल, जयपुर में हुई । उसके पश्चात् उनकी शेष पढ़ाई लंदन से की है।

सन् 1997 में दीया कुमारी का विवाह सम्पन्न हुआ जिससे उनके तीन बच्चे हैं। दीया कुमारी परिवार द्वारा स्थापित परम्‍पराओं, संस्‍कार एवं संस्कृति के माहौल में पली-बढ़ी हैं। वे केवल माँ ही नहीं है वरन एक कुशल व्यावसायिक महिला भी हैं। दीया कुमारी अपने परिवार के संस्‍कार व परिवार की सामाजिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए समाज के उत्थान के लिये अथक प्रयासरत हैं। उनके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में परिवार द्वारा स्थापित चेरिटेबल संस्‍थाओं के माध्यम से समाज सेवा कर रही हैं। वो एक एन.जी.ओ. के माध्यम से महिला सशक्तीकरण का कार्य भी कर रही हैं,जिसके माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को उनके जीविक¨पार्जन का सहारा दिया जा सके तथा ये सभी महिलायें अपने पैरो पर खड़ी हो¨ सके व सम्मानजनक जीवनयापन कर सके।

दीया कुमारी बहुत सारे सामाजिक संस्थायें, एन.जी.ओ¨., नेत्र बैंक आदि के माध्यम से भी समाज की सेवा से जुड़ी हुई हैं। जयपुर शहर में भी महत्वपूर्ण विधालय का संचालन कर शैक्षणिक क्षेत्र में भी अपना उत्कृष्ट योगदान दे रहीं हैं। दिया कुमारी समाज से जुड़ें उन सभी मुदों का हमेशा भरसक समर्थन करती हैं जो¨आमजन के हित से सम्बन्धित रहते हैं।   

पर्यटन के क्षेत्र में भी इनका व इनके परिवार का बहुत बड़ा योगदान रहा है। राजस्थान में होटल व्यवसाय का भी कार्य करती हैं और इस क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को ध्यान में रखते हुए ऐसाचैम संस्था की और से भी अखिल भारतीय पर्यटन इकाई की चेयरपरसन हैं। जयपुर शहर की विरासत एवं उसके संरक्षण के लिये सदैव प्रतिबद्ध हैं तथा पूर्वजो द्वारा बसाये गये जयपुर शहर के मौलिक स्वरूप क¨ बनाये रखने के लिये सदैव प्रयासरत्त हैं।                                              

राजकुमारी दिया कुमारी का राजनिति में पहला कदम
जयपुर राजघरानें से तालुक रखने वाली राजकुमारी दिया कुमारी ने साल 2013 में राजनितिक जीवन में अपना पहला कदम रखा और सवाई माधोपुर विधानसभा सिट से भाजपा के टिकिट पर अपना पहला चुनाव लडा । प्रदेश की राजनिति में अपना अहम अहोदा रखनें वाले कांग्रेस के दानिश अबरार व डॉक्‍टर किरोडी लाल मीणा को शिकस्त देकर करीब 7532 मतों से विधानसभा का चुनाव जीता । चुनाव जीतने के बाद से ही दिया कुमारी सवाई माधोपुर क्षेत्र के विकास के लिये प्रयास रत रही  । मगर जयपुर के राजमहल प्रकरण के कारण चुनावों के कुछ समय बाद ही दिया कुमारी ओर सूबे की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के बिच रिस्तों में खटास आ गई । जिसका सवाई माधोपुर के विकास पर बेहद विपरित असर पडा । 

सीएम के इशारों पर दिया कुमारी के कई महत्वपूर्ण कार्य अटक गये । तो प्रशासन ने दिया कुमारी का भरपूर सहयोग नही किया और दिया कुमारी व मुख्यमंत्री राजे में गुट बाजी पनप गई । इस दौरान ही दिया कुमारी के नेत्रत्व में सवाई माधोपुर में नगर परिषद का चुनाव हुवा ओर भाजपा ने नगर परिसद के चुनावों में इतिहास रच दिया । मगर भाजपा की सभापति विमला शर्मा की सीएम राजे से नजदीकियां ओर सभापति पर आरएसएस का हाथ होने से सभापति ने दिया कुमारी की इन पांच सालों में एक नही सुनी ओर सभापति ने हर काम अपनी मर्जी से किया । जिसके चलते शहर का समुचित विकास नही हो पाया और दिया कुमारी के प्रयास नाकाफी सिद्ध हुवे । हालांकि इस सबके बिच भी दिया कुमारी ने शहर के विकास के लिये भरकस प्रयास किया । मगर सीएम राजे ओर सभापति का सहियोग नही मिलने से कई महत्वपूर्ण कार्य नही हो पाये । मगर दिया कुमारी यहां की जनता का दिल जीत लिया ओर यहां की जनता की वों चहेती विधायक रही ।

दिया कुमारी की कुछ खास बातें 
इन पांच सालों में राजकुमारी दिया कुमारी ने प्रधानमंत्री के सबका साथ सबका विकास नारे को नई बुलन्दियां दी । और सवाई माधोपुर में दिया कुमारी सबके साथ मिलकर चली । दिया कुमारी ने बिना किसी भेद भाव और जाती के आधार पर सबको बराबर की नजरों से देखते हुवे सबके लिये काम किया । जब भी काई भी जाती समुदाय या किसी भी वर्ग का व्यक्ति दिया कुमारी के पास कोई काम से गया तो दिया कुमारी ने उसे पुरा सम्मान दिया ओर उसके काम के लिये अपने स्तर पर हर संभव प्रयास भी किया । इन पांच सालों में दिया कुमारी ही शायद राजस्थान की एक मात्र ऐसी विधायक रही होगी जिस पर किसी भी तरह का कोई आक्क्षेप नही लगा । इन पांच सालों में दिया कुमारी की छवी पुरी तरह बेदाग रही ।

पिछले पांच साल का विधायक राजकुमारी दिया कुमारी का कार्यकाल
पिछले पांच साल में भाजपा की विधायक राजकुमारी दिया कुमारी ने सवाई माधोपुर क्षैत्र के विकास के लिये भरपुर प्रयास किया । और अपने पांच साल के कार्यकाल में उन्होने सवाई माधोपुर में कई ऐतिहासिक विकास कार्य करवाये । विधायक के तौर पर राजकुमारी दिया कुमारी एक सफल ओर जनता की चहेती विधायक रही । दिया कुमारी ने विधायक कोटे का पुरा स्तेमाल किया ओर अपने विधानसभा क्षेत्र में कई विकास कार्य करवाये । फिर चाहे वो ग्रामीण क्षैत्र का ममला हो या शहरी क्षैत्र का विधायक ने अपने प्रयासों में कोई कमी नही छोडी

विधायक दिया कुमारी की महत्वपुर्ण उपलब्धियां
1-भैरु दरवाजे पर अलग से रोड - पिछले कई दशकों से सवाई माधोपुर की आमजनता जिला मुख्यालय के बजरीया से पुराने शहर को जोडनें वाले भैरु दरवाजे पर लगनें वाले जाम से परेशान थी । प्रतिदिन दो दो तीन तीन घण्टे भैरु दरवाजे पर जाम की स्थिति रहती थी । इस समस्या को विधायक दिया कुमारी ने प्रमुखता से लिया और अपने अथक प्रयासों से उन्होने भैरु दरवाजे पर अलग ये रोड का र्निमाण करवाया । जिससे शहर वासियों को रोज रोज लगने वाले जाम से निजात मिल गई । दिया कुमारी का यह र्निमाण कार्य शहर वासियों के लिये वरदान शबित हुवा । और लोग इसे शदीयों तक याद रखेंगें ।

2-आलनपुर लिंक रोड का चौडाईकरण- विधायक दिया कुमारी का दुसरा सबसे महत्वपुर्ण कार्य है आलनपुर लिंक रोड का चौडाईकरण का कार्य । हम्मिर सर्किल से पुराने शहर को जाने वाली सडक पुर्व में सिंगल सडक थी । जिसके कारण आये दिन इस सडक पर दुर्घटनाऐं होती थी । पिछले कई दशकों से यहां की जनता इसके चौडाईकरण की मांग कर रही थी । दिया कुमारी ने इसे भी प्राथमिकता से लिया ओर आलनपुर सडक का चौडाईकरण का काम करवाकर उसे डबल करवाया और बिच में डिवायडर ओर रोड लाईट लगवाई जो शहर वासियों के लिये मिल का पत्थर साबित हुई और दिया कुमारी ने अपने प्रयासों से शहर की जीवन रेखा कही जाने वाली आलनपुर लिंक रोड की कायाकल्प करवा दी ।

3-बनास जल परियोजना- विधायक दिया कुमारी का सबसे महत्वपुर्ण काम रहा बनास जल परियोजना । पिछले कई दशकों से सवाई माधोपुर की जनता पेयजल समस्या से जुझ रही थी । ओर पानी की समस्या को लेकर आये दिन शहर में धरना प्रदर्शन और जाम की स्थिति रहती थी । शहर वासियों की इस समस्या को दिया कुमारी ने समझा और अपने अथक प्रयासों से बनास जल परियोजना की सौगात शहर वासियों को दी । हालहीं में विधायक दिया कुमारी द्वारा इस परियोजना का उद्घाटन कर दिया गया । ओर अब सवाई माधोपुर के वाशिंदों को पेयजल समस्या से नही जुझना पडेंगा । विधायक दिया कुमारी की यह सौगात शहर वासियों के लिये किसी अमृत से कम नही है ।

4-कन्या महाविधालय के नये भवन की सौगात- विगत कई दशकों से जिला मुख्यालय स्थित कन्या महाविधालय जरजर और खण्डर भवन में संचालित था । जिसे लेकर शहर वासियों सहित कॉलेज छात्राओं ने विधायक से गुहार लगाई । जिस पर विधायक दिया कुमारी ने छात्राओं की पीडा को समझा और अथक प्रयासों से कन्या महाविधालय के लिये करीब 2 करोड रुपये की लागत से दशहरा मैदान में अलग से महाविधालय के नये भवन का र्निमाण करवाया । ओर दिया कुमारी छात्राओं के लिये चहेती विधायक बन गई । कन्या महाविधालय में दिया ने अन्य विषयों में पीजी भी करवाया ।

5-खेल स्टेडियम की सौगात- विधायक दिया कुमारी की दुसरी सबसे बडी उपलब्धि रही सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर खेल स्टेडीयम का र्निमाण करवाना । विधायक दिया कुमारी के ही अथक प्रयास थे जिसके चलते सवाई माधोपुर में करोडों रुपये की लागत से खेल स्टेडियम का र्निमाण हुवा । और यहां के खिलाडीयों को खेलों के लिये एक जगह मिल सकी । खेल स्टेडीयम बनने से सवाई माधोपुर में खेलों का विकास होगा । दिया कुमारी की यह एक बडी उपलब्धि मानी जा रही है ।

6-सडक- विधायक दिया कुमारी ने अपने अथक प्रयासों से ग्रामीणा क्षैत्रों में जर जर सडकों की दशा सुधारी । जिससे ग्रामीण क्षैत्रों में आवागमन और यातायात सुगम हुवा ।

शिक्षा- शिक्षा के क्षैत्र में भी सवाई माधोपुर विधायक दिया कुमारी ने कई महत्वपुर्ण कार्य करवाये । विधालय भवनों का र्निमाण व स्कुलों में शिक्षकों की कमी को पुरा करनें के लिये दिया कुमारी ने भरपुर प्रयास किया । स्कुलों में जहां स्टाफ लगवाया वही कन्या कॉलेज में पीजी करवाया ।

चिकित्सा- सवाई माधोपुर जिला अस्पताल सहित विधानसभा क्षैत्र के अन्य चिकितसालयों में सुधार हुवा । विधायक दिया कुमारी ने जिला मुख्यालय के सामान्य चिकित्सालय मे अपने स्तर पर हेल्प डेक्स खोली जिस पर करीब आठ लोगों की नियुक्तियां की । जो 24सों घंण्टे ड्यूट पर तैनात रहते है ओर अस्पताल में आने वाले मरिजों से लेकर चिकित्सा प्रशासन ही हर काम में मदद करते हे । हेल्प डेक्स पर तैनात सभी कार्मीकों को दिया कुमारी द्वारा ही अपनी निजी खर्च से वेतन दिया जाता है । विधायक की इस अनुठी पहल को शहर वासियों ने काफी सराहा है । इसके अलावा विधायक दिया कमारी के कार्यकाल में ग्रामीण क्षैत्र की पीएससी एंव सीएससीयों में व्यवस्थाओं में सुधार हुवा हे और कृमोन्नत भी हुई है ।

रोजगार- विधायक दिया कुमारी द्वारा सवाई माधोपुर में रोजगार उपलब्ध करवानें के लिये कई कार्य किये गये । विधायक द्वारा राजकुमारी दिया कुमारी फाउण्डेशन के माध्यम से करीब 1200महिलाओं को सशक्त बनानें के लिये रोजगार उपलब्ध करया जा रहा है । वही बटन फैक्टी भी लगवाई गई है जिसमें करीब साढे चार हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा । कोशल योजना के तहत प्रशिक्षण देकर भी कई लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाये गये हे ।

सफाई- सवाई माधोपुर विधायक दिया कुमारी साफ सफाई को लेकर बेदह जागरुक है । और उन्होने स्वच्छ भारत मिशन के तहत कई कार्यक्रम करवायें ओर लोगों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार ओर जागरुक किया तभी तो सर्वेक्षण सर्वे2018 में सवाई माधोपुर प्रदेश में 11वें पायदान पर आ सका ।

परिवहन- परिवहन के नाम पर यहा सवाई माधोपुर आगार की स्थापना कि गई थी ओर विधायक दिया कुमारी ने परिवहन को सुदृढ करनें के लिये काफी प्रयास किया ।

कानुन व्यवस्था- इन पांच सालों में कानुन व्यवस्था में सुधार हुवा है । विधायक दिया कुमारी बेटी बचाओं बेटी पढाओं की ब्राण्ड ऐम्बेसेटर है जिसे लेकर उन्होने छात्राओं और महिलाओं को सशक्त बनानें के लिये कई कार्य किये है । छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखानें के लिये कई मर्तबा आत्मरक्षा शिविर लगाये गये है । वहीं महिलाओं को बेटी बचाओं बेटी पढाओं को लेकर जागरुक किया गया है । शहर में कानुन व्यवस्था इन पांच सालो में सही रही है ।

विशेष- विधायक दिया कुमारी ने सवाई माधोपुर क्षैत्र के विकास के लिये भरकस प्रयास किया मगर । मुख्यमंत्री ओर नगर परिषद सभापति का सहियोग नही मिलने के कारण वो कई कार्य नही करवा पाई । जिसमें सबसे अधिक महत्पवुर्ण है । रोजगार । विधायक दिया कुमारी यहां के लोगों को रोजगार उपलब्ध करवानें में उनता सफल नही हो पाई जीतना होना चाहिये था । यहां का युवा रोजगार की तलाश में आज भी दुसरे शहरों में पलायन करनें को मजबुर है ।

रणथम्भौर का पर्यटन- सवाई माधोपुर में रणथम्भौर नेशनल पार्क को छोड कर क्षैत्र के लोगों के लिऐ रोजगार का कोई चारा नही है । यहा के लोग रणथम्भौर पार्क में आने वाले पर्यटकों के सहारे ही अपना जीवन यापन करते है । यहा की सिमेंन्ट फेक्ट्री बद होने के बाद यहा के युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे है मगर विधायक दिया कुमारी अपने पांच साल के कार्यकाल में यहां के लोगों के लिये काई भी प्रदुषण रहीत उध्योग नही लगवा पाई । वहीं रणथम्भौर नेशनल पार्क के उथान एंव पर्यटकों की सुविधा के लिये भी काई महत्वपुर्ण कार्य नही करा पाई । भलेही कारण जो भी रहे हो मगर इस क्षैत्र में विधायक दिया कुमारी पुणतया असफल रही ।

विधायक के प्लस पॉइन्‍ट
सवाई माधोपुर विधानसभा क्षेत्र अतिसंवेदनशिल क्षैत्र में आता है और यहॉ हमेशा से जाती विशेष का दबदवा रहा है और अपराधिक गतविधियां भी अधिक रहती है मगर पिछले पांच सालों से दिया कुमारी के विधायक बनने के बाद यहा जाती विशेष का दबदबा कम हुवा है और यहा की आम जनता चैन से अपना जीवन यापन कर रही है यहां का व्यापारर वर्ग भी अपराधों में कमी आने से चैन की सांस ले रहे है विधायक ने अपनी स्वच्छ छवि के चलते अपराधि किस्म के लोगों का कभी साथ नही दिया वही विधायक कोटे का अधिकतर पैसा आमजनता की सुविधाओं के लिये खर्च किया है ।

विधायक दिया कुमारी के माईनस पॉइन्‍ट-
1-सीएम ओर विधायक में मनमुटाव- मुख्यमंत्री राजे और विधायक दिया कुमारी के बिच बडते विवाद के कारण क्षैत्र का समुचित विकास नही हो पाया । विकास कार्यो मे किसी ना किसी तरह का रोडा अटका रहा । कई विकास कार्य धरातल पर नही उतर पाये । जिसका खामिंयाजा शहर की आमजनता को भुगतना पडा ।

2-विधायक दिया कुमारी सभापति पर अंकुश नही लगा पाई- विधायक दिया कुमारी सभापति विमला शर्मा पर अंकुश नही लगा पाई जिसके कारण शहर का विकास प्रभावित हुवा । पार्षदों और सभापति के बिच चले विवाद को विधायक सुलझानें में असफल रही । सभापति का सीएम खेमें से सीधा जुडाव विधायक के लिये गले की फांस बना रहा और विधायक सभापति का समुचित सहियोग लेने में असमर्थ रही । जिसका खामिंयांजा यहां की आमजनता को भुगतना पडा । ओर आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को इसका खामिंयांजा भुगतना पडेगा ।

3-दिया कुमारी की ग्लेमर छवी- विधायक दिया कुमारी का राजपरिवार से तालूक होना और उनकी ग्लेमर छवी के चलते आम आदमी कई बार विधायक से सीधे नही मिल पाया । आम आदमी की पहुचे विधायक तक सीधी नही होकर उनके कारिदों तक रही । यह भी एक बडी खामी रही ।

4-विधायक नही तोड पाई घेरा- विधायक दिया कुमारी अपने आस पास का घेरा नही तोड पाई और पुरे पांच साल कुछ लोगों की घेरा बन्दी के बिच रही । जिससे आमआदमी की सीधी पहुचे विधायक तक नही हुई ।

समीक्षा- राजकुमारी दिया कुमारी सवाई माधोपुर की 15वीं विधायक चुनी गई । दिया कुमारी का पांच साल का कार्यकाल अब तक के विधायकों में सबसे सर्वश्रेष्ट रहा । दिया कुमारी ने क्षैत्र के विकास के लिये काफी प्रयास किया मगर सीएम से मनमुटाव और दुसरा सभापति का असहियोग दिया कुमारी के विकास के रास्ते का रोडा रहा । दिया कुमारी सवाई माधोपुर की ऐसी पहली विधायक है जिसने जिला मुख्यालय पर अपना कार्यालय खोला जहां एक दर्जन से अधिक लोगों को नियुक्तियां दि गई । क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर विधायक कार्यालय जा सकता था और विधायक कार्यालय में कार्यरत कार्मीक उसका पुरा सहियोग करते थे । 
वहीं दिया कुमारी ने अस्पताल में अपने खर्च पर हेल्प डेक्स खोलकर एक अनुठी पहल की जो आज तक किसी विधायक ने नही की । दिया कुमारी का पांच साल कार्य काल बेहद अच्छा रहा । अगर सीएम ओर सभापति का विधायक दिया कुमारी को साथ और सहियोग मिलता तो सवाई माधोपुर में विकास के नये आयाम स्थापित हो सकते थे । मगर विधायक दिया कुमारी का दुर्भाग्य रहा की उन्हे सीएम ओर सभापति का सहियोग नही मिला । उसके बावजुद दिया कुमारी ने क्षेत्र के विकास के लिये कहीं कोई कमी नही छोडी । यही वजह है की यहां की आमजनता एक बार फिर दिया कुमारी को अपना विधायक चुनना चाहती हे । अगर दिया कुमारी को भाजपा से टिकिट मिलता है तो दिया कुमारी का सामना करना कांग्रेस के उम्मीद्धवार व अन्य उम्मीद्वारों के लिये बडी चुनौती रहेगा ।

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