रमजान के तीसरे अशरे में जारी है 'एतकाफ' में इबादत

Published Date 2018/06/09 07:10, Written by- FirstIndia Correspondent

जयपुर। इस्लाम के पवित्र माहे रमजान में इबादतों का दौर जारी है। रमजान के तीसरे और आखरी अशरे में अब रोजदार एतकाफ में बैठकर इबादत कर रहे हैं। मस्जिद में एतकाफ में बैठ इबादत करने को इस्लाम में बहुत अहमियत दी गयी है। 

माहे रमजान के आखरी अशरे में एतकाफ करना बहुत बड़ी इबादत है। इसमें एक मोमिन दुनिया से दूर होकर सिर्फ और सिर्फ खुदा की इबादत में अपनी रात और दिन गुजारता है। एतकाफ के लिए रमज़ानुल मुबारक की 21वीं शब मगरिब से पहले मस्जिद में पहुंचना जरूरी होता है। जयपुर शहर और प्रदेशभर की मस्जिदों में मोमिन एतकाफ में बैठकर इबादत कर रहे है। एतकाफ के बारे में रिवायत है कि हर शहर या गांव की आबादी में कम से कम किसी एक शख्स का एतकाफ करना सुन्नत है। अगर किसी एक शख्स ने भी ये सुन्नत अदा नहीं की तो पूरी आबादी वाले तारीखे सुन्नत के गुनहगार होंगे।

एतकाफ की अहमियत को लेकर कई हदीसो में जिक्र आया है। खास हदीस ये भी है कि जिस शख्स ने अल्लाह की खुशनूदी की तलाश में एक दिन का एतकाफ करता है तो अल्लाह तआला उसके और जहन्नुम के दरमियां तीन ऐसी बड़ी खंदकें हाइल फरमा देते हैं जो दुनिया से ज्यादा चौड़ी और वसी हैं। एतकाफ के सिलसिले में रिवायत है कि हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हुकुम मिलने के बाद कभी इसका नागा नहीं फरमाया। एक और रिवायत में आता है कि जिस शख्स ने रमज़ानुल मुबारक के दस दिनों का एतकाफ किया उसे दो हज व दो उमरों का सवाब अता किया जाएगा। 

एतकाफ में बैठने वाला शख्स पूरी तरह दस दिनों के लिए दुनिया से दूर रहता है। वह केवल मस्जिद में रहकर अल्लाह की इबादत करता है। ईद का चांद दिखने के बाद वह मस्जिद से बाहर निकलता है। 

एतकाफ के लिए कुछ जरूरी शर्तें

- मुस्लिम को आकिल बालिग होना जरूरी है। 
- एतकाफ से पहले एतकाफ की नियत करना
- मस्जिद में एतकाफ करना, जिसमें पंज वक्ता नमाज बा जमआत
- मस्जिद में इमाम मौअजिन मौजूद हो
- एतकाफ में बैठने वाले मौतकिफ का रोज़ेदार होना जरूरी
- मौतकिफ का ज़िनावत से पाक होना जरूरी
- दस दिन तक रहना होता है मस्जिद के अंदर
- बहुत जरूरी होने पर ही जा सकते है बाहर 
- अपने परिवार, दोस्तो से भी नहीं मिल सकते इस दरम्यान

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in


loading...

-------Advertisement--------



-------Advertisement--------