नई तकनीक का इस्तेमाल नही किया तो पिछड़ जाएंगे उद्योग- राजपाल सिंह उद्योग मंत्री  

Published Date 2017/12/14 04:37, Written by- FirstIndia Correspondent

अजमेर| नई तकनीक के साथ नही चलेंगे तो कोई भी उद्योग ज्यादा दिन तक उन्नत नही बना रह पाएगा। भविष्य के लिए आवश्यक है कि वर्तमान में उघमियों को चाहिए कि वे नई तकनीकों को जाने और उनका इस्तमाल करें। स्टोन इंडस्ट्री में चुनौतियां बहुत खड़ी हो गई है। लिहाजा अब तकनीक का इस्तमाल कर स्टोन इंडस्ट्रीज को और बहत्तर बनाया जा सकता है। यह कहना है उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत का। शेखावत मार्बल सिटी किशनगढ़ में मार्बल एसोसिएशन के सभागार में चल रहे सातवे ग्लोबल स्टोन टेक्नोलॉजी फोरम का उद्घाटन करने आए थे। 

इस दौरान उन्होंने मार्बल व्यवसायियों से कहा कि आगे लंबे समय तक बने रहने के लिए नई तकनीक को अपना जरूरी है। हालांकि अपने संबोधन में उन्होंने सम्मेलन में मार्बल व्यवसायियों की कमी को लेकर भी तंज कसा कि जीएसटी की दरों को कम करवाने के लिए जीतने व्यवसायी आए थे आज उतने भी नजर नही आ रहे है। सम्मेलन में मार्बल व्यवसायी की रुचि नही लेने के पीछे मार्बल एसोसिएशन और विधायक भागीरथ चौधरी के बीच की आपसी खींचतान को माना जा रहा है। यही वजह है कि मार्बल एसोसिएशन के कार्यक्रम में मंत्री तो थे मगर विधायक नही आए। शायद इस बात को मंत्री भी समझ समझ गए और आधे घण्टे से ज्यादा वे भी सम्मेलन में नही ठहरे। हम आपको बता दे कि मार्बल उद्योग के लिहाज से सम्मेलन व्यवसायियों के लिए कारगर साबित हो सकता है। 

सम्मेलन में डायमेंशनल पत्थर उद्योग में नई तकनीकों के उपयोग और विकास पर चर्चा हो रही है। जीएसटीएफ का आयोजन सेंटर फाॅर डवलपमेंट आॅफ स्टोन्स (सीडोस) तथा फैडरेशन आॅफ इंडियन चेम्बर्स आॅफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन आयोजन का सहयोगी और प्रायोजक है। उत्पादकों और उपभोक्ताओं को मशीनरी सप्लायर्स, आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स और बिल्डर्स को परस्पर संवाद करने का अवसर मिल रहा है। 

वही सम्मेलन के दौरान  उद्योग विषेषज्ञ और विशिष्ठ शख्सियतें सीएनसी एवं रोबोटिक टेक्नोलाॅजी, खनन और प्रोसेसिंग की अत्याधुनिक मशीनों ,वेस्ट के उपयोग और वेल्यू एडीशन, सरफेस फिनिश और स्टोन क्लेडिंग जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है। सम्मेलन में सडोस के अधिकारी और कलक्टर गौरव गौयल और मार्बल व्यवसाय से जुड़े व्यापारी मौजूद थे|

 

 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Sambandhit khabre

Stories You May be Interested in


loading...

Most Related Stories


-------Advertisement--------



-------Advertisement--------