जिग्नेश ने कहा कि हम जातिविहीन समाज चाहते हैं, हम चांद पर पानी ढूंढ़ रहे हैं, लेकिन जमीन पर जातिवाद अपनी जड़ें जमाए हुए है। मुझे टारगेट किया जा रहा है, मैं एक निर्वाचित प्रतिनिधि हूं, मेरे भाषण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, मेरे भाषणों में प्रगतिशीलता की बात है। उन्होंने कहा कि अगर हमें फासीवाद को खत्म करना है तो जनता के आंदोलनों में सड़क पर उतरना होगा।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा को लेकर महाराष्ट्र पुलिस ने जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू के छात्रनेता उमर खालिद के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन दोनों पर हिंसा को भड़काने का आरोप लगाया गया है। वहीं मुंबई में आयोजित होने वाले छात्र भारती के कार्यक्रम में ये दोनों बतौर वक्ता शामिल होने वाले थे, जिसमें शामिल होने से इन्हें रोक लिया गया था और कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।

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महाराष्ट्र हिंसा पर बोले जिग्नेश, कहा — 2019 में मुझसे खतरा भांप कर मुझे जबरन फंसाया जा रहा है

Published Date 2018/01/05 03:08, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे में पुणे में भीमा-कोरेगांव जातीय हिंसा को लेकर गुजरात के दलित नेता एवं नवनिर्वाचित विधायक जिग्नेश मेवाणी चुप्पी तोड़ते हुए भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है। जिग्नेश ने दिल्ली में एक प्रेस कॉॅन्फ्रेंस आयोजित कर कहा कि क्या दलितों को शांतिपूर्ण रैली का हक नहीं है। दलितों पर लगातार हो रही हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी जुबान खोलें और केंद्र सरकार दलितों पर अपना रुख स्पष्ट करें।

जिग्नेश ने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही वेमुला, ऊना, सहारनपुर और अब भीमा-कोरेगांव में दलितों को निशाना बनाया गया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप्पी साधे हुए हैं। भीमा कोरेगांव में हुई जातीय हिंसा को लेकर जिग्नेश ने कहा कि मैं कभी भी भीमा-कोरेगांव गया ही नहीं और न ही मैंने कभी भड़काऊ भाषण दिया। अगर ऐसा किसी निर्वाचित विधायक के साथ हो सकता है, तो ये बहुत चिंता की बात है। ऐसी स्थितियों में किसी किसान अथवा दलित के साथ क्या होगा।

गुजरात के नवनिर्वाचित विधायक जिग्नेश के अनुसार गुजरात में भाजपा का अहंकार टूट गया है। उन्होंने कहा कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा को खतरा नजर आ रहा है, जिसके कारण उन्हें टारगेट किया जा रहा है और उनकी इमेज को लगातार खराब किया जा रहा हैं। जिग्नेश ने कहा कि उन्हें निशाना बनाकर भाजपा गुजरात का बदला लेने में लगी हुई है और इन सबसे यह जाहिर होता है कि कैसे एक दलित विधायक को टारगेट किया जा सकता है।

जिग्नेश ने कहा कि हम जातिविहीन समाज चाहते हैं, हम चांद पर पानी ढूंढ़ रहे हैं, लेकिन जमीन पर जातिवाद अपनी जड़ें जमाए हुए है। मुझे टारगेट किया जा रहा है, मैं एक निर्वाचित प्रतिनिधि हूं, मेरे भाषण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, मेरे भाषणों में प्रगतिशीलता की बात है। उन्होंने कहा कि अगर हमें फासीवाद को खत्म करना है तो जनता के आंदोलनों में सड़क पर उतरना होगा।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा को लेकर महाराष्ट्र पुलिस ने जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू के छात्रनेता उमर खालिद के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन दोनों पर हिंसा को भड़काने का आरोप लगाया गया है। वहीं मुंबई में आयोजित होने वाले छात्र भारती के कार्यक्रम में ये दोनों बतौर वक्ता शामिल होने वाले थे, जिसमें शामिल होने से इन्हें रोक लिया गया था और कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।

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