प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के नाम पर की जा रही आदिवासी परिवारों के साथ लूट

FirstIndia Correspondent Published Date 2017/09/21 05:11

प्रतापगढ़| प्रतापगढ़ अंचल में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के नाम पर आदिवासी परिवारों के साथ लूट की जा रही है| गैस एजेंसी के संचालक इस योजना के तहत लाभार्थी परिवारों से आठ सौ से हजार रुपये तक वसूल रहे है, जबकि नियमों के मुताबिक गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को ये कनेक्शन मुफ्त दिए जाने है| गैस एजेंसी संचालक के एक राजनैतिक दल का प्रभावशाली नेता होने के कारण प्रशासन भी केवल जांच की बात कह कर पल्ला झाड रहा है| योजना के तहत अभी तक दस  हजार से ज्यादा कनेक्शन जारी हो चुके है|

इस आदिवासी अंचल में अधिकांश लोग निरक्षर है| खास तौर पर महिलाएं इनके अशिक्षित होने का फायदा कुछ प्रभावशाली नेता उठा रहे है| देश के प्रधानमंत्री ने एक मई 2016 को महिला सशक्तिकरण की भावना को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री उज्जवला योजना चलाई थी| पूरे प्रदेश में इसके तहत अभी तक पन्द्रह लाख से ज्यादा कनेक्शन जारी हो चुके है| कहने को तो केंद्र सरकार की ये योजना बी पी एल परिवारों के लिए पूरी तरह निशुल्क है, लेकिन प्रतापगढ़ जिले में इस योजना के नाम पर एक गैस एजेंसी संचालक चांदी काट रही है| 

लोगो का आरोप है की भोले भाले आदिवासी परिवारों को इस योजना के तहत कनेक्शन तो जारी किये जा रहे है लेकिन उनसे डेढ़ सौ से दो सौ रुपये वसूले जा रहे है| जानकारी ये भी मिली है की आवेदन पत्र भरते समय भी इन लाभार्थियों से पांच सौ से लगा कर हजार रुपये तक वसूले गए|

लोगो का कहना है कि प्रिया गेस एजेंसी के नाम से चल रही इस एजेंसी की संचालक का इलाके में खासा रुतबा है| एक राजनैतिक दल की जिलाध्यक्ष होने के नाते अधिकारियों से भी काफी अच्छे सम्बन्ध इसके है, जिसके कारण सरेआम की जा रही इस लूट खसोट के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है|

अधिकारियों से इस सम्बन्ध में बात की गयी तो उनका साफ़ तौर पर कहना है की इस योजना के तहत किसी भी उपभोता से कोई भी राशि नहीं ली जा सकती है और इस तरह से यदी कोई कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी लेकिन ये कार्रवाई कब होगी पता नहीं इस विषय में जब एजेंसी संचालक से बात की गई तो तो पहले तो उसने किसी भी तरह की अतिरिक्त राशि लेने से साफ़ मना कर दिया फिर बताया कि  ये राशि उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सुविधा देने के लिए जा रहे है, जिसकी रसीद नहीं दी जा रही है संचालक ने कैमरे के सामने बात करने से साफ़ इनकार कर दिया और खबर चलाने पर मुकदमा करने तक की धमकी दे डाली| जिला रसद अधिकारी का कहना है कि मामला यदि जांच में सही पाया जाता है तो एजेंसी को रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी|


 

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