शाह ने कहा कि लोग हमारी उपलब्धियों का विश्लेषण कर रहे हैं, लेकिन इस विश्लेषण से पहले देखना होगा कि हमें विरासत में क्या मिला? सरकार ने जब काम संभाला तब बहुत बड़ा गड्ढा था, उस गड्ढे को भरने में ही सरकार का बहुत सारा समय गया है। गड्ढा भरने के बाद फिर जो सरकार ने काम किया उसे अलग नजरिए से देखने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि मद्रा बैंक योजना में साढ़े दस करोड़ युवाओं को दस लाख तक का लोन देने का काम समाप्त कर दिया गया है। इसमें गारंटी नहीं देनी है और ब्याज भी बेहद कम है। चिदंबरम साहब ने ट्वीट किया कि किसी ने मुद्रा बैंक के साथ किसी ने पकौड़े का ढेला लगा दिया। मैं मानता हूं कि बेरोजगारी से तो अच्छा कि कोई युवा मेहनत करके पकौड़े का ठेला लगाए।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि गरीब के विकास के लिए टुकड़ों में नहीं लगातार काम किया। सबसे पहला काम जनधन योजना के रूप में किया। 70 साल की आजादी के बाद 55 साल एक पार्टी और एक ही परिवार का शासन रहा। 55 साल के कांग्रेस के शाशन के बाद 60 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिनके घर में कोई खाता नहीं था। ऐसी सरकारों का विजन क्या रहा होगा। आज 31 करोड़ गरीबों के बैंक अकाउंट खुले हैं, शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा, जिसमें बैंक अकाउंट नहीं होगा।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हम कमेंट किए जाते थे कि खाते तो खुलवा दिए इनमें पैसा कहां से आएगा। हमने जीरो बैलेंस की व्यवस्था की थी लेकिन आज 31 करोड़ जनधन खातों में 73,000 करोड़ रुपया गरीबों ने जमा करवाया है। वो अपने गल्ले में रखता था आज बैंक अकाउंट में रखा है और देश के विकास में पैसा लगा है।

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राज्यसभा में बोले अमित शाह, पहले भाषण मेंं कहा — बेरोजगारी से अच्छा है पकौड़े बनाना

Published Date 2018/02/05 05:58, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आज राज्यसभा में अपना पहला भाषण दिया, जिसमें उन्होेंने पकौड़े बनाने को बेरोजगारी से बेहतर बताया है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि पकौड़े बनाना कोई शर्म की बात नहीं है, लेकिन इसकी भिखारी के साथ तुलना करना शर्मनाक बात है। शाह ने लंबे भीषण में जमकर सरकार की खूबियां गिनाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने रोजगार पर विपक्ष के हमले का भी जवाब दिया।

बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान आज भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राज्यसभा में अपना पहला भाषण दिया। अमित शाह ने कहा कि अगर देश में बेरोजगारी है तो इसके लिए कांग्रेस का 55 साल का शासन जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि बेरोजगार रहने से पकौड़े का व्यापार करना ज्यादा अच्छा है। अमित शाह ने जीएसटी, बेरोजगारी, किसान, गरीब, महिलाओं, समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा पर करते हुए अमित शाह कांग्रेस सरकार पर जमकर बरसे। अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को कांग्रेस का गड्ढ़ा भरने में वक्त लगा, उन्होंने कहा कि हमें ये गड्ढ़ा विरासत में मिला। उन्होंने कहा कि गड्ढा भरने के बाद हमारी उपलब्धियों को आप अलग नजरिये से देखें। 55 साल तक एक ही पार्टी, बल्कि मैं कहूंगा कि एक ही परिवार का राज रहने के बावजूद आज इतने दिनों तक राज करने वाले लोग समस्याएं गिना रहे हैं, हम इन चुनौतियों को स्वीकार करते हैं, लेकिन इसे ठीक करने में वक्त लगेगा।

शाह ने कहा कि लोग हमारी उपलब्धियों का विश्लेषण कर रहे हैं, लेकिन इस विश्लेषण से पहले देखना होगा कि हमें विरासत में क्या मिला? सरकार ने जब काम संभाला तब बहुत बड़ा गड्ढा था, उस गड्ढे को भरने में ही सरकार का बहुत सारा समय गया है। गड्ढा भरने के बाद फिर जो सरकार ने काम किया उसे अलग नजरिए से देखने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि मद्रा बैंक योजना में साढ़े दस करोड़ युवाओं को दस लाख तक का लोन देने का काम समाप्त कर दिया गया है। इसमें गारंटी नहीं देनी है और ब्याज भी बेहद कम है। चिदंबरम साहब ने ट्वीट किया कि किसी ने मुद्रा बैंक के साथ किसी ने पकौड़े का ढेला लगा दिया। मैं मानता हूं कि बेरोजगारी से तो अच्छा कि कोई युवा मेहनत करके पकौड़े का ठेला लगाए।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि गरीब के विकास के लिए टुकड़ों में नहीं लगातार काम किया। सबसे पहला काम जनधन योजना के रूप में किया। 70 साल की आजादी के बाद 55 साल एक पार्टी और एक ही परिवार का शासन रहा। 55 साल के कांग्रेस के शाशन के बाद 60 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिनके घर में कोई खाता नहीं था। ऐसी सरकारों का विजन क्या रहा होगा। आज 31 करोड़ गरीबों के बैंक अकाउंट खुले हैं, शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा, जिसमें बैंक अकाउंट नहीं होगा।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हम कमेंट किए जाते थे कि खाते तो खुलवा दिए इनमें पैसा कहां से आएगा। हमने जीरो बैलेंस की व्यवस्था की थी लेकिन आज 31 करोड़ जनधन खातों में 73,000 करोड़ रुपया गरीबों ने जमा करवाया है। वो अपने गल्ले में रखता था आज बैंक अकाउंट में रखा है और देश के विकास में पैसा लगा है।

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