संत ईश्वरानंद गिरी के देवलोकगमन पर प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

Published Date 2017/11/20 04:03,Updated 2017/11/20 04:58, Written by- FirstIndia Correspondent
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सिरोही| माउंटआबू में संत सरोवर के संस्थापक संत ईश्वरानंद गिरी के देवलोकगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। प्रधानमंत्री की ओर से आश्रम को लिखे गए पत्र में उनके निधन को आध्यात्म जगत के लिए क्षति बताया है। मोदी संत ईश्वरानंद गिरी से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। उनके देवलोकगमन के बाद एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें संत ईश्वरानंद गिरी ने मोदी को प्रधानमंत्री कहकर संबोधित कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो वर्ष 2005-2006 का है।

वीडियो में संत ईश्वरानंद गिरी एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं। पास ही बैठे हैं गुजरात में तब के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी। आध्यात्म की बातों का जिक्र करते ईश्वरानंद गिरी ने अचानक ही कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। सभी को लगा कि ईश्वरानंदजी ने गलती से मुख्यमंत्री की जगह प्रधानमंत्री बोल दिया है। ऐसे में खुद मोदी ने उन्हें टोका कि मैं मुख्यमंत्री हूं। इसके बाद संत ईश्वरानंद गिरी मुस्कराते हैं और कहते हैं कि मैने प्रधानमंत्री ही कहा है। करीब नौ साल पहले ईश्वरानंद गिरी के मुंह से निकली यह बात वर्ष 2014 में सत्य साबित हुई।

संत के निधन पर भेजे अपने शोक संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि संत ईश्वरानंदगिरी के ब्रह्मलीन होने पर अत्यंत दुख हुआ। स्वामीजी के देह त्यागने से अध्यात्म जगत में एक रिक्तता अनुभव होगी। मोदी ने लिखा कि ईश्वरानंद गिरी जी ने वैदिक परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। इसी प्रकार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भी संत ईश्वरानंद गिरी के देवलोकगमन पर दुख जताया।

संतईश्वरानंद गिरी के शिष्य बताते हैं कि वे प्रचार प्रसार से दूर रहते थे। इसलिए यह वीडियो भी कभी सामने नहीं आया। वीडियो वर्ष 2005 या 2006 का है। तब गांधीनगर के पास वरसाड गांव में आश्रम का शिलान्यास किया गया था। जिसमें तब गुजरात के सीएम रहे नरेंद्र मोदी आए थे। कार्यक्रम में मंच पर संत ईश्वरानंद गिरी और नरेंद्र मोदी बैठे थे और अपने प्रवचन में संत ने उन्हें प्रधानमंत्री संबोधित किया।
 
देश के जानेमाने संत और परमहंस स्वामी ईश्वरानंद गिरी की समाधि पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माउंटआबू पहुंच सकते हैं। दरअसल स्वामी ईश्वानंद गिरी के प्रमुख शिष्य और संत सरोवर के प्रमुख संचालक स्वामी संबित सोमगिरी जी महाराज को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र लिखकर उनके ब्रह्रलीन होने पर अत्यंत दुख जताया है। अब इस पत्र के बाद माना जा रहा है कि नरेंद्र मोदी कभी भी माउंटआबू में उस स्थान का दौरा कर सकते हैं जहां तलहटी के उडवारिया गांव में बनें ईश्वरालय में स्वामीजी को समाधि दी गई है।
 

 


 

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