जन्म के बाद बेटे को अस्पताल में ही छोड़कर चली गई मां, तलाश में जुटी पुलिस

Published Date 2018/06/16 06:58, Written by- FirstIndia Correspondent

सिरोही। सिरोही जिला अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाला बड़ा मामला सामने आया है। एक मां अस्पताल में बेटे को जन्म देने के बाद उसे छोड़कर चली गई। इस बात का पता बच्चे को दूध पिलाने के लिए मां की जरूरत होने पर चला। बच्चे का जन्म आबूरोड अस्पताल में हुआ था और कमजोर होने से परिजन उसको सिरोही जिला अस्पताल लाए थे। बच्चे को भर्ती कराने के बाद परिजन फरार हो गए। भूख से रो रहे बच्चे को दूध पिलाने के लिए मां की जरूरत पड़ी तो मामला सामने आया। सबसे बड़ी बात यह है कि आबूरोड और सिरोही दोनों अस्पतालों में परिजनों ने नाम पते गलत लिखवाए। जिला अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने अस्पताल में दिए पते पर जाकर पूछताछ की तो हकीकत सामने आई।

पुलिस के अनुसार सनवाड़ा रोहिड़ा निवासी मुन्नी देवी पत्नी सुरेश गमेती भील को प्रसव पीड़ा होने पर 12 जून को आबूरोड के सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां बच्चे का जन्म हुआ। सात माह में ही बच्चे को कमजोर होने से सिरोही जिला अस्पताल रैफर किया गया। उसी दिन शाम 6 बजे एक महिला और दो पुरुषों ने उसे सिरोही अस्पताल में भर्ती कराया। एसएनसीयू वार्ड में भर्ती बच्चे की सेहत में सुधार होने पर 14 जून की शाम को मां का दूध पिलाने के लिए ड्यूटी पर तैनात नर्स ने परिजनों को ढूंढा तो नहीं मिले। जिला अस्पताल प्रशासन ने आबूरोड अस्पताल को फोन किया तो पता चला प्रसूता को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। जिस पर जिला अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल स्थित पुलिस चौकी को सूचना दी गई। पुलिस ने अस्पताल में दर्ज पते के हिसाब से रोहिड़ा थाने को सूचना देकर परिजनों को यहां बुलवाना चाहा, लेकिन वहां पता चला कि उस नाम की कोई महिला ही नहीं है। आबूरोड अस्पताल में भी गलत नाम पता दिया था।

बाल कल्याण समिति ने नवजात को लिया गोद : नवजात के माता-पिता और परिजनों का पता नहीं चलने पर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मदद से भी परिजन नहीं मिले। ऐसे में नवजात के पालन पोषण के लिए बाल कल्याण समिति को सूचना दी गई। बाल कल्याण समिति नवजात को अपने संरक्षण में लेने को तैयार हो गई। समिति ने अस्पताल पहुंच कर कागजी कार्रवाई पूरी की।

दूधमुंहे बच्चे को छोड़ गए, नाम पता भी गलत लिखवाया
आबूरोड से रेफर किए कमजोर नवजात को सिरोही अस्पताल में भर्ती किया गया। आबूरोड और सिरोही अस्पताल दोनों जगहों पर प्रसूता का नाम पता गलत लिखवाया। अस्पताल प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। जिला अस्पताल के एसएनसीयू पर वार्ड में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ही शिशुओं की देखरेख करते हैं। नवजात की सेहत में कुछ सुधार होने पर परिजन नहीं मिलने से मामला पकड़ में आया। अस्पताल में दर्ज नवजात के नाम पते के हिसाब से पुलिस सनवाड़ा आर गांव पहुंची। जहां पता चला कि उस नाम से गांव में कोई है ही नहीं।
 

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