ताजमहल की मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ पाएंगे बाहरी नमाजी 

Published Date 2018/07/09 09:28, Written by- FirstIndia Correspondent

आगरा। सुप्रीमकोर्ट ने ताजमहल की मस्जिद में बाहरी व्यक्तियों के नमाज पढ़ने की याचिका को आज खारिज कर दिया। अब स्थानीय लोगों द्वारा ही नमाज पढ़ी जाएगी इसके अलावा नमाज पढ़ने के लिये कोई भी बाहरी नमाजी मस्जिद में नहीं जा सकेगा। हालाँकि सभी सुप्रीमकोर्ट के आदेश मानने को तैयार है, लेकिन कुछ स्पष्टीकरण उनके जहन में घूम रहे हैं। 

ताजमहल मस्जिद इंतजामिया कमेटी आगरा के अध्यक्ष सैय्यद इब्राहिम हुसैन जैदी ने बताया कि हमने सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को नमाज के संबंध में एक याचिका दायर की थी। 26 जनवरी को जिला प्रशासन ने एक आदेश निकाला कि ताजमहल की मस्जिद में लोकल आदमी ही नवाज पड़ेगा। याचिका में हमने कहा था कि नमाजी कहीं का भी हो, उसको नमाज पढ़ने दी जाए। लेकिन अफसोस है कि यह सुप्रीम कोर्ट ने हमारी याचिका को खारिज कर दिया। 

राष्ट्रीय स्मारक सुरक्षा समिति अध्यक्ष सैय्यद मुनब्बर आली ने कहा कि निर्णय ठीक है क्योंकि सुप्रीम ने दिया है। लेकिन इसमे कहीं न कहीं कोर्ट भूलचूक कर गया है। इसमें हम दोबारा याचिका दायर करने जा रहे हैं और मैं समझता हूं कि इसमे बहुत अच्छा रिजल्ट आएगा। 

खुद्दामे रोजा कमेटी आगरा के अध्यक्ष ताहिर उद्दीन ताहिर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट का आदेश ठीक है। लेकिन कोर्ट ने कौनसे लोग बाहर के माने है। कोर्ट ने यह नहीं बताया कि बाहर के लोगों में विदेशी शामिल है या हम हिंदुस्तानी। जबकि एक स्थानीय नमाजी के अनुसार पिछले 400 साल से ताजमहल के अंदर नमाज पढ़ी जा रही है। इसमे आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है। भारत के किसी मंदिर या मस्जिद में कोई आईडी दिखा कर कोई अंदर जाता है क्या ? बाहर के मुस्लिमों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

loading...

-------Advertisement--------



-------Advertisement--------

26355