नींदड बचाओ आंदोलन: सरकार तक अपनी बात पहुंचाने को लेकर किसानों ने उठाया जोखिम भरा कदम 

Divya Gaur Published Date 2017/10/12 01:13

जयपुर| देश के आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी देश के अन्नदाता अपने हक के लिए अगर अपनी जान की बाजी लगा रहे हैं  तो फिर सरकार के लिए इससे बुरी बात और क्या हो सकती है, जहां एक और गांधी जयंती पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे राजनीतिक मंच पर खड़े होकर बड़े-बड़े भाषण दे रही है तो वहीं दूसरी ओर जयपुर के किसान अपने हक के लिए जमीन में समाधि ले कर सत्याग्रह कर रहे हैं|

देश के विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली सरकार मंच पर कुछ और बोलती है धरातल पर कुछ और ही कार्य होता है| ऐसा ही कुछ नजारा जयपुर सीकर हाइवे स्थित जयपुर विकास प्राधिकरण कि नींदड 1350 बीघा अवाप्तिशुदा जमीन को निरस्त करवाने के मांग को लेकर नींदड के सैकड़ों किसानो का पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन धरना जारी है|

वही पिछले दिनों किसानों ने क्रमिक उपवास भी रखा लेकिन जेडीए व भाजपा सरकार किसानों की ओर कोई सुध नहीं ली| इस बात को लेकर किसानों ने गाँधी जयंती के दिन सत्याग्रह कर 22 गड्डे  खोदकर जमीन मे समाधि ली। जानकारी के अनुसार नींदड बचाओ युवा संर्घस समिति के अध्यक्ष नगेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि जब तक सरकार व जयपुर विकास प्राधिकरण हमारी जमीन को निरस्त नही करेगा तब तक हम लोग जमीन के अंदर ही रहेगे चाहे हमारी जान चली जाये।

 

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