भूमि पैमाइश की एवज में पटवारी ने मांगे बीस हजार

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/12 03:59

कामां(भरतपुर)। कामां तहसील कार्य में भ्रष्टाचार किस कदर व्याप्त है इसका नजारा उस समय देखने को मिला जब कामा तहसील के गांव बसई डहरा निवासी पति-पत्नी अपनी भूमि की पैमाइश कराने के लिए कामां तहसीलदार के सामने न्याय की गुहार लगाने पहुंचे। जहां भूमि पैमाइश की एवज में बीस हजार की मांग करने वाले भ्रष्टाचार के आरोपी पटवारी महेश बैरवा ने पति पत्नी को पीटने की कोशिश की। तहसीलदार के बीच बचाव कर मामला शांत हुआ।

इस दौरान पटवारी मौके से रफूचक्कर हो गया। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के जिला संयोजक रामेश्वर गुर्जर मौके पर पहुंचे और तहसीलदार से भ्रष्टाचार के आरोपी पटवारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। रामेश्वर गुर्जर ने बताया कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो बजरंग दल कार्यकर्ता तहसील कार्यालय पर धरना देंगे।

हम आपको बता दें कि कामां तहसील के गांव बसई डहरा निवासी प्रेमवती अपनी भूमि की पैमाइश कराना चाहती है। जब उसने इस बारे में पटवारी महेश बैरवा से संपर्क किया तो उन्होंने इसके एवज में बीस हजार की रिश्वत की मांग कर दी। गरीब परिवार ने जब देने से मना किया तो पटवारी ने पीड़िता के  पति से हाथापाई की कोशिश की। जिसके बाद पति पत्नी दोनों तहसील कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। पति-पत्नी के धरने पर बैठने के बाद तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। वहीं पीड़ित के पति द्वारा बताया गया कि हमारी समस्या का समाधान नहीं किया तो तहसील कार्यालय के सामने ही आत्महत्या कर लेंगे।
 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

जानिए गुलाब के पुष्पों के चमत्कारी उपायों के बारे में | Good Luck Tips

11:00 बजे की सुपर फास्ट खबरें
Big Fight Live | छिटकने लगी \'कलियां\' ! | 12 NOV, 2018
\'Face To Face\' With Divya Dutta, Film Actress and Model | Exclusive Interview
योगी के राम मंदिर बयान पर कांग्रेस का पलटवार
चुनावी नामांकन का क्या महत्व रहता है? किस अंक वाले को किस दिन नामांकन करना शुभ रहेगा?
नीमराणा के डाबड़वास गांव में फूड पॉइजनिंग, मरीजों की तादाद 800 से 1000 के बीच में
न्यायाधीश माथुर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त