जर्जर मकानों का जिन्न फिर निकला बाहर

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/01 02:57

जैसलमेर। स्वर्णनगरी में प्री मानसून ने अपनी दस्तक दे दी है इसके साथ ही अब मानसून की दस्तक कभी भी हो सकती है। एक तरफ लोग मानसून के जैसलमेर में प्रवेश को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे है तो वहीं दूसरी तरफ शहर के जर्जर मकानों के गिरने के खतरे से भी परेशान नजर आ रहे है। स्वर्णनगरी में जर्जर मकानों की स्थिति अब बेहद ही खतरनाक साबित हो सकती है। कई मकान तो गिरने के कगार तक भी पहुंच गए है लेकिन नगर परिषद इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। हालांकि मानसून के प्रवेश के साथ ही नगर परिषद द्वारा जर्जर मकानों के मालिकों को नोटिस तो जारी कर दिया जाता है लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा है। 

जर्जर मकानों को लेकर नगर परिषद हर साल मकान को गिराने या मरम्मत को लेकर नोटिस तो जारी कर देता हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं किए जाने से जर्जर मकानों के आस पास रहने वालों के लिए खतरा लगातार बना हुआ है। कभी भी हादसा घटित होने पर मकान के आस पास रहने वाले लोगों को सर्वाधिक नुकसान हो सकता है । जर्जर मकान के आस पास रहने वालों ने कई बार इस संबंध में ज्ञापन दिए लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से वे भी निराश हैं।  शहर के कई मकानों में मालिकों के नहीं रहने से वे पिछले लंबे समय से खाली पड़े हैं। इससे न तो मकानों की मरम्मत करवाई जा रही है और न ही उनमें कोई निवास कर रहा है। मकान बेहद जर्जर स्थिति में पहुंच गए है। करीब चार पांच पहले नगर परिषद द्वारा सर्वे कर जर्जर मकानों को चयनित किया गया था। लेकिन उस सर्वे के बाद कई मकान जर्जर की स्थिति में पहुंच गए है लेकिन उनका नगर परिषद के रिकॉर्ड में कहीं भी नाम नहीं है। 
 

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