अब और हाईटेक हुआ पुलिस महकमा, गृहमंत्री ने दी कई सौगातें

Published Date 2018/06/06 07:51, Written by- Ramswaroop Lamror

जयपुर। बदलते वक्त के साथ बढ़ते अपराध पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। इन अपराधों पर लगाम कसने के लिए पुलिस महकमा अब हाईटेक होता जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने पुलिस मुख्यालय में सेंट्रल अभय कमांड सेंटर का उद्घाटन किया और साथ ही कई और सौगातें दी।

गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने आज पुलिस महकमे को कई सौगातें दी है। प्रदेश में दुर्घटनाओं को कम करने और तेज रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए जिला पुलिस को इंटर सेप्टर और स्पीड लेजर गन उपलब्ध कराई गई। 18 पुलिस जिलों को 20 इन्टर सेप्टर दी गई है और पांच जिला पुलिस को स्पीड लेजर गन प्रदान की गई है। साथ ही प्रदेश के 14 जिला पुलिस को नई मोटर साइकिलें भी दी गई।

पुलिस मुख्यालय से विभिन्न जिलों में भेजी गई इंटर सेप्टर, मोटर साइकिलें और स्पीड लेजर गन को गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह दीपक उप्रेती, अतिरिक्त मुख्य सचिव ट्रांसपोर्ट शैलेन्द्र अग्रवाल और पुलिस महानिदेशक ओपी गलहोत्रा सहित कई सीनियर आईपीएस अधिकारी मौजूद रहे।

इससे पहले पुलिस महानिदेशक ओपी गल्होत्रा ने पुलिस महकमें को पर्याप्त बजट देने के लिए गृहमंत्री और राज्य सरकार को धन्यवाद दिया। इस पर गृहमंत्री ने कहा कि सरकार कम मैन पॉवर में ज्यादा कार्य करना चाहती है। इसलिए संसाधनों को लगातार बढ़ाया जा रहा है।

प्रदेश में हो रहे सड़क हादसों को लेकर गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने चिंता जताई और कहा कि हर वर्ष प्रदेश में करीब 10 हजार लोग सड़क हादसों के चलते काल कलवित हो रहे हैं। ऐसे में सड़क दुर्घटनाओं को रोकना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी लिहाज से जिला पुलिस को नए संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम कसने के लिए ई—चालान बनाए जा रहे हैं।

विभिन्न जिलों में ई—चालान की नई मशीनें उपलब्ध कराई गई है। 500 ई चालान मशीनों का वितरण गृहमंत्री के हाथों आज पुलिस मुख्यालय में किया गया। पुलिस मुख्यालय में अभय कमांड सेन्टर भी बनाया गया है, जिसका उद्घाटन आज गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने किया। पीएचक्यू की सातवीं मंजिल पर यह अभय कमांड सेन्टर बनाया गया है, जहां से सभी जिलों में लगाए गए कैमरों की मोनिटरिंग की जाती है। जिन जिला मुख्यालयों में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, उनकी मोनिटरिंग जिला मुख्यालयों पर हो रही है। इसके साथ ही इस अभय कमांड सेन्टर से भी सभी जगह नजर रखी जा रही है।

गुलाबचंद कटारिया ने इस अभय कमांड सेन्टर की काफ तारीफ की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने अभय कमांड सेन्टर की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। वहीं प्रदेश में पुलिस महकमे की तारीफ करते हुए गृहमंंत्री कटारिया ने जहां पुलिस अधिकारियों की पीठ थपथपाई तो वहीं थानों के हालातों लेकर तंज भी कसा। कटारिया ने कहा कि प्रदेश में पुलिस अधिकारियों से मिलना तो आसान है, लेकिन थानाधिकारियों से मिलना बड़ा मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि आमजन थानों में घुसने और अपनी बात बताने में डरता है। ऐसे में पुलिस थानाधिकारी से लेकर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को सप्ताह में दो दिन खुली सुनवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। बहरहाल, पुलिस महकमा भले ही हाईटेक होकर अपराधों पर लगाम कसने में लाख दावे करता नजर आता हो, लेकिन अब थानों की कार्यशैली को लेकर पुलिस मुख्यालय में खुद गृहमंत्री ने ही सवाल खड़ा कर दिया है। ऐसेे में अपराधों पर लगाम कसने के साथ ही पुलिस थानों की छवि सुधारना भी पुलिस महकमे के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

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