योगी सरकार की Good Book में प्रमोटी आईएएस अफसर

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/10/26 10:26

लखनऊ(यूपी)। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव सरकार से शुरू हुए प्रांतीय सिविल सेवा के अफसरों के अच्छे दिन योगी सरकार में भी जारी हैं। वर्षों से UP सरकारों की उपेक्षा का शिकार रहे पीसीएस संवर्ग के इन अफसरों पर जहां पिछली सरकार में प्रमोशन से लेकर तैनाती तक सम्मान अखिलेश यादव से मिला । वही सिलसिला आज भी योगी सरकार में भी जारी है । देश मे उत्तर प्रदेश सूबे के प्रशासन की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले इस संवर्ग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भरोसे का आलम यह है कि इस संवर्ग से आईएएस बने अफसरों की पूरे प्रदेश के करीब आधे जिलों में डीएम के पद पर तैनाती की गयी है वही उत्तर प्रदेश के आधे मंडल के मंडलायुक्त भी पीसीएस से प्रमोटी अफसर ही बनाये गए हैं । 

जिलों के प्रशासन के कुशल प्रबंधन में कार्यकारी पदों पर ज्यादा अनुभव रखने वाले ये प्रमोटी अफसर ज्यादा कामयाब रहते हैं । अखिलेश सरकार से लेकर योगी सरकार में इनका जलवा बरकरार है । UP में प्रधान से लेकर पटवारी तक की कार्यशैली से परिचित इन प्रमोटी PCS अफसरों को हासिल महारत ही इनके प्रति सरकार के विश्वास का कारण है ।  फिलहाल प्रदेश के जिलों और मंडलों में मंडल कमिश्नर और जिलों के जिलाधिकारियों की तैनातियों पर अगर नजर डालें तो सूबे के 33 जिलों के डीएम प्रोन्नति अफ़सर पाए आईएएस अफसर हैं और सूबे के 18 मंडलों में 9 मंडल के कमिश्नर भी प्रमोटी आईएएस ही हैं । 

UP में प्रमोटी मंडलायुक्तों की तैनाती पर नजर डालें तो 9 मंडलों में मुरादाबाद में अनिल राज कुमार, फैजाबाद में मनोज मिश्रा, अलीगढ में अजय दीप सिंह, आजमगढ़ में जगतराज, चित्रकूट में शरद कुमार सिंह, झांसी में कुमुद्लता श्रीवास्तव, मिर्जापुर में मुरली मनोहर लाल, सहारनपुर में सीपी त्रिपाठी और देवीपाटन मंडल में सुधेश कुमार ओझा की तैनाती योगी सरकार ने कर रखा है ।         

योगी सरकार ने प्रदेश के जिन जिलों में प्रमोशन से आईएएस बने इन अफसरों को जिलाधिकारी बनाया है वह सूबे के महत्वपूर्ण जिले माने जाते रहे हैं । फिलहाल प्रदेश के मंडल मुख्यालय सहित अन्य जिलों की कमान ये अफसर संभाल रहे हैं । मंडल मुख्यालय पर तैनात 7 जिलाधिकारियों में बरेली में वीरेंद्र कुमार सिंह, फैजाबाद में अनिल पाठक, मुरादाबाद में राकेश कुमार सिंह, अलीगढ में चन्द्र भूषण सिंह, आजमगढ़ में शिवा कांत द्विवेदी, बांदा में हीरालाल और देवीपाटन में प्रमान्शु श्रीवास्तव का नाम शामिल है । योगी की सबसे Good List में सबसे ईमानदार DM का नाम राकेश कुमार सिंह-मुरादाबाद लिखा है । 

इसके अलावा अन्य में गोरखपुर मंडल के महाराजगंज जिले में अमरनाथ उपाध्याय, कुशीनगर में डॉ अनिल कुमार सिंह, फैजाबाद मंडल के अमेठी जिले में शकुन्तला गौतम, अम्बेडकरनगर में सुरेश कुमार, बाराबंकी में उदयभानु त्रिपाठी, चित्रकूट मंडल के महोबा जिले में सहदेव, लखनऊ मंडल के उन्नाव जिले में देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, लखीमपुर में शैलेन्द्र कुमार सिंह, बरेली मंडल के बदायूं जिले में दिनेश कुमार सिंह, पीलीभीत में डॉ अखिलेश मिश्रा, मुरादाबाद मंडल के अमरोहा जिले में हेमंत कुमार, बिजनौर में अटल कुमार राय, संभल में अविनाश कृष्ण सिंह, अलीगढ मंडल के एटा जिले में आईपी पाण्डेय, कासगंज में आरपी सिंह, हाथरस में रमाशंकर मौर्य, आगरा मंडल के मथुरा जिले में सर्वग्यराम मिश्र, मैनपुरी में प्रदीप कुमार, झांसी मंडल के ललितपुर जिले में मानवेन्द्र सिंह, मेरठ मंडल के गौतमबुद्धनगर जिले में डॉ बीएन सिंह, कानपुर मंडल के कानपुर देहात जिले में राकेश कुमार सिंह, औरैया में श्रीकांत मिश्रा को तैनाती दी गयी है । कासगंज डीएम और पीलीभीत DM की छवि मुख्यमंत्री की नज़र में काफ़ी अच्छी है ।                                 

गौरतलब है कि पिछले कई दशकों से उत्तर प्रदेश को छोडकर देश के ज्यादातर राज्यों में जिलाधिकारी अथवा डीसी के पदों पर राज्य सिविल सेवा से तरक्की पाकर भारतीय प्राशासनिक सेवा में आये अफसरों की तैनाती सीधी भर्ती से आये आईएएस अफसरों के मुकाबले संख्या में काफी अधिक होती रही है ।  जिलों की कार्य प्रगति के आधार पर जानकारों का कहना है कि अपने अनुभव कुशलता के चलते यदि अपवाद को छोड़ दिया जाय तो इनकी परफार्मेंश औरों से बेहतर रही है, और यही वजह है की पिछली अखिलेश सरकार से लेकर इस सरकार योगी सरकार में भी इन पर भरोसा किया जा रहा है ।    

उत्तर प्रदेश में पीसीएस से आईएएस में प्रोन्नति की सुस्त रफ़्तार के चलते पहले लम्बे समय तक सीधी भर्ती के आईएएस अफसरों का जिलों और मंडलों की तैनाती में एकाधिकार देखा जाता रहा है । एक दौर ऐसा था जब 1976 बैच के सिर्फ एक अफसर चरणजीत सिंह बक्शी को आईएएस में प्रोन्नति के साथ डीएम के पद पर तैनाती मिली थी । शेष बैच और आगे के बैच के अफसरों को वर्षों तक तरक्की का इन्तजार करना पडा था । अगर पिछले दो दशकों का इतिहास देखें तो संवर्ग पुनर्गठन न होने के चलते कई दर्जन ऐसे पीसीएस अफसर आईएएस में प्रोन्नति नहीं पा सके और रिटायर हो गए जो सर्वथा योग्य अफ़सर थे । 

इन हालातों से आजिज कई अफसरों ने तो ज्यादा विलम्ब और वेतन की दृष्टि से आर्थिक नुक्सान को देखते हुए आईएएस संवर्ग में जाने से ही साफ़ इनकार कर दिया था । तारीफ़ करनी होगी तो अखिलेश यादव सरकार की जिसने पहल की और केंद्र सरकार के डीओपीटी से बेहतर समन्वय बनाकर बड़ी संख्या में पीसीएस अधिकारियों को आईएएस संवर्ग में प्रोन्नति का मार्ग प्रशस्त किया और अब 31 पीसीएस अफसरों के प्रमोशन का करीब 6 महीनों से अटके मसले को योगी सरकार ने हल किया और इन अफसरों को प्रमोशन मिल पाया । लिहाज़ा 1997 बैच के होनहार,काबिल,जगलर,गुड़ा-गडित में माहिर 5 प्रोटिव IAS DM की कुर्सी हासिल करने में कामयाब हो सकते है । जिसमे 3 नाम UP PCS एसोसिएशन के पदाधिकारियों का रहा है । 

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