ग्रामीण आवास योजना में पांचवे स्थान पर पहुंचा राजस्थान

Aditya Atreya Published Date 2018/05/16 07:59

जयपुर। प्रदेश में आज भी आवास गरीब तबके के लोगों के लिए महज एक सपना बना हुआ है। प्रदेश ने आजादी के बाद से कई सरकारें देखी है लेकिन फिर भी गरीब तबके के लोगों की स्थिति में कुछ खास सुधार नजर आता नही दिखाई दे रहा है। हालांकि समय-समय पर सरकारों ने इसके लिए उचित कदम भी उठाए है । लेकिन फिर भी ये प्रयास ज्यादा कारगर साबित नही हो पाए है। दिन ब दिन बढ़ती महंगाई और निर्माण लागत के चलते गरीब तबके के लोगों का सपना मुकाम तक नही पुहंच पाता है। 

अगर हम इस मसले पर अभी के हालात पर बात करें तो प्रदेश ग्रामीण आवास योजना में पांचवे स्थान पर पहुंच गया है। और इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रदेश को वर्ष 2018—19 में 70 हजार परिवारों को अतिरिक्त आवास निर्माण का लक्ष्य दिया है। इसको लेकर केंद्र से आला अधिकारी आवास योजना की समीक्षा के लिए पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड से भी मिले थे। 

मामले को लेकर पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड ने बताया कि केंद्र सरकार ने आवास निर्माण के लिए 536 करोड रुपए के रुप में पहली किस्त भी जारी कर दी है। राठौड ने बताया कि दो वर्षों में करीब साढे चार लाख से अधिक आवास निर्माण की स्वीकृति जारी कर दी गई है। जिनमें से तीन लाख से अधीक आवासों का निर्माण पूरा कर दिया गया है। इसके अलावा विभाग ने अधिकारियों कों सभी आवासों की एकरूपता के लिये गाईडलाईन जारी के निर्देश भी दिए है।

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