ज्वैलरी कारोबार में सन्नाटा, धन की 'तंगी' बनी सबसे बड़ी समस्या  

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/11/03 01:28

जयपुर (विमल कोठारी)। दीपावली के सीजन पर ज्वैलरी की खरीद में इस बार भारी गिरावट रहने की आशंका है। कमजोर ग्राहकी के कारण ज्वैलर्स के दिल भारी हो रहे हैं। ज्वैलर्स स्वीकारते हैं कि इस बार ज्वैलरी कारोबार में जो मंदी नजर आ रही है, वह अब तक कभी नहीं थी। ऐसे में धनतेरस पर केवल शगुन की खरीद की ही आस है। पेश है एक रिपोर्ट—

दीपावली से पांच दिन पहले ही ज्वैलरी की दुकानों पर रौनक की शुरुआत हो जाती है। ग्राहक न केवल अपनी ज्वैलरी पसंद कर उसे अलग रखने का आग्रह करते हैं, बल्कि कुछ राशि टोकन के रूप में देकर खरीद भी पक्की कर लेते हैं। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हो रहा। जयपुर में छोटे-बड़े ही नहीं प्रमुख ज्वैलर्स के शो-रूम भी खाली पड़े हैं। ज्वैलर्स हालांकि सेल्स प्रमोशन स्कीम के माध्यम से ग्राहकों को आकर्षित करने का प्रयास तो कर रहे हैं, लेकिन ग्राहकों पर इन स्कीमों का असर ही नहीं हो रहा। 

ज्वैलर्स का दावा है कि इस बार दीपावली पर जिस सन्नाटे की आहट सुनाई दे रही है, ऐसी पिछले कई दशकों में नहीं रही। उनका मानना है कि इसका सबसे बड़ा कारण सोने के मौजूदा मूल्य है, जो पिछले पांच सालों के सर्वाधिक है। इसके अलावा ज्वैलरी पर GST, मैकिंग चार्जेज में बढ़ोतरी, बाजार में धन की तंगी व ग्राहकों में खरीद की भावना का अभाव होने के कारण भी ग्राहक बाजार से दूर है। बाजार में ज्वैलरी शो-रूम पर चल रहे सन्नाटे में करवा चोथ व पुष्य नक्षत्र के दिन जरूर थोड़ी कमी आई, लेकिन फिर भी जो उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में आशंका यह भी जताई जा रही है कि इस धनतेरस पर पिछले सालों की तुलना में हुए कारोबार में कही रिकॉर्ड कमी नहीं आ जाएं। ज्वैलर्स यह भी कहते हैं कि यदि कारोबार में 30% की कमी आती तो यह इस कारोबार के लिए काफी घातक सिद्ध होगा। हालांकि हालात इससे भी बुरे हैं। 

पिछले पांच सालों में धनतेरस पर सोने चांदी के भाव

धनतेरस                     सोना 24 कैरेट       सोना 22 कैरेट                  चांदी 999

2018 (02.11.2018)       32600                  31000                           39500
2017 (17.10.2017)       30800                  29000                           42900
2016 (28.10.2016)       30550                  29000                           42900  
2015 (09.11.2015)       26200                  24800                           35700
2014 (22.10.2014)       27900                  26500                           39200  

सोने के मौजूदा भाव पिछले पांच सालों में धनतेरस के दिन सर्वाधिक रहने की संभावना मानी जा रही है। जो ग्राहकी में सबसे बड़ा अवरोधक है। जानकारों का यह भी कहना है कि इस बार पिछले साल की तुलना में नोटबंदी का अधिक असर व नकद में खरीद करने वालों के बारे में आयकर विभाग को सूचनाएं देने का दवाब ज्वैलर्स पर है, जिसे देखते हुए यह भी माना जा रहा है कि बाजार में नकद में होने वाली खरीद फरोख्त में भारी कमी आएगी। उम्मीद यही है कि इस धनतेरस पर अधिकतर ग्राहक छोटे आइटम खरीदने में रुचि दिखाएंगे, जिससे कारोबार के वाेल्युम में कमी आना तय है। 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

जानिए गुलाब के पुष्पों के चमत्कारी उपायों के बारे में | Good Luck Tips

11:00 बजे की सुपर फास्ट खबरें
Big Fight Live | छिटकने लगी \'कलियां\' ! | 12 NOV, 2018
\'Face To Face\' With Divya Dutta, Film Actress and Model | Exclusive Interview
योगी के राम मंदिर बयान पर कांग्रेस का पलटवार
चुनावी नामांकन का क्या महत्व रहता है? किस अंक वाले को किस दिन नामांकन करना शुभ रहेगा?
नीमराणा के डाबड़वास गांव में फूड पॉइजनिंग, मरीजों की तादाद 800 से 1000 के बीच में
न्यायाधीश माथुर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त