वसुंधरा राजे की सुराज गौरव यात्रा, रोड़मैप को अंतिम रुप देगी कमेटी

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/12 08:22

जयपुर (योगेश शर्मा)। अगस्त के पहले माह से शुरू होने वाली मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रदेशव्यापी सुराज गौरव यात्रा डेढ़ माह तक चलेगी और 15 सितंबर तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। वसुंधरा राजे की यह तीसरी प्रदेशव्यापी चुनावी यात्रा होगी, बस फर्क इतना है कि इससे पहले निकाली गई राजे की यात्रा के दौरान भाजपा विपक्ष में थी और अब सरकार में है। बीजेपी के प्रदेशााध्यक्ष मदन लाल सैनी ने कहा कि यात्रा का चुनावी रोडमैप 16 जुलाई को तैयार हो जाएगा।  सैनी ने यह भी कह दिया कि पार्टी की ओर से एक ही यात्रा होगी और वो वसुंधरा राजे करेगी। 

राजस्थान में चुनावी शंखनाद करने के लिये मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे यात्रा करने जा रही है। राज्य बीजेपी की ओर से यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में है।अगस्त से शुरु होने वाली यात्रा के जरिये वसुंधरा राजे राजस्थान की कोशिश होगी 200 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचा जाये। सीएम राजे तो सुराज गौरव यात्रा पर निकलेगी लेकिन संगठन भी पीछे नहीं रहने वाला। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर भी अलग अलग दिशाओं में प्रवास करेंगे। यात्रा तो केवल राजे ही निकालेगी। 

सुराज गौरव यात्रा को लेकर पत्रकारों से बातचीत में प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने कहा कि  यात्रा का संपूर्ण रोडमैप तय करने के लिए प्रदेश सरकार के कुछ मंत्रियों सहित संगठन पदाधिकारियों की कमेटी का भी गठन किया गया है जो इसे अंतिम रूप देंगी। इसमें गुलाब चंद कटारिया, राजेन्द्र राठौड़ यूनुस खान, अरुण चतुर्वेदी समेत प्रमुख नेता शामिल है। यात्रा डेढ माह की होगी और इसमें समय समय पर केन्द्र के आला नेता और मंत्री भी शामिल होंगे। 

प्रदेशव्यापी यात्राएं निकालने का चलन राजस्थान भाजपा में बहुत पुराना है लेकिन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की यात्रा में इस बार खास है। खास इसलिए क्योंकि इससे पहले वसुंधरा राजे दो यात्राएं निकाल चुकी है लेकिन तब वो प्रदेश में विपक्ष में थी लेकिन अब सत्ता पर काबिज हैै और मुख्यमंत्री है। इससे पहले राजे ने 2003 में परिवर्तन यात्रा, 2013 में सुराज संकल्प यात्रा निकाली है। दोनों ही यात्राओं के बाद राज्य में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में लौटी थी। बीजेपी को इकलौते दल के तौर पर पूर्ण बहुमत के तौर पर राजस्थान में लाने वाली भी वसुंधरा राजे ही है। 

उल्लेखनीय है वसुंधरा राजे को जब 2003 में बीजेपी ने राजस्थान में नेता बनाकर भेजा था, तब उन्होंने परिवर्तन यात्रा की थी। परिणाम यह हुआ कि पहली बार भाजपा पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई। तब भाजपा को पहली बार 100 से अधिक सीटों का आंकड़ा पार करते हुए 120 सीट पर जीत मिली थी। कांग्रेस महज 56 सीटों पर सिमट गई थी। 

हालांकि भाजपा को साल 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता से कुछ ही अंतर से दूर रहना पड़ा लेकिन फिर से राजे ने 2013 में सुराज संकल्प यात्रा कर बीजेपी को 163 सीटों के प्रचंड़ बहुमत से सत्ता में वापसी करवाई और कांग्रेस को मात्र 21 सीट हासिल हुई। वहीं राजे की भावी यात्रा के सामने सत्ता धारी पार्टी को हराने की नहीं बल्कि सत्ता में वापसी की चुनौती है। यूं कह सकते है मिथक तोड़ने का सपना। वो मिथक जो एक बार और एक बार जीत से जुड़ा है। 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

जेल से चुनाव लड़ेगा \'शंभू\'! | Election Express

भाजपा का हाथ थम सकतें हैं विश्वेन्द्र सिंह? | Election Express
इंद्रेश का \'कैलाश\' में राम का \'संकल्प\' | Election Express
कांग्रेस में नहीं थमा CM फेस विवाद, अब बोले राहुल के करीबी भंवर जितेंद्र | Election Express
ट्रिपल तलाक़ के ज़रिए, सरकार का डबल अटैक | अध्यादेश मजबूरी या ज़रूरत ?
पुलिसकर्मी-अफसरों की 10 गुना तक बढ़ाई गई बीमा राशि
1st इंडिया न्यूज़ के चैनल हैड जगदीश चंद्र ने किया डांडिया महारास के पोस्टर का विमोचन
AICC चीफ राहुल गांधी कल फिर आएंगे राजस्थान, डूंगरपुर के सागवाड़ा में करेंगे जनसभा