जानिए, विधानसभा चुनावों को लेकर क्या कहते है अजमेर संभाग के राजनीतिक समीकरण

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/10/11 03:47

अजमेर(योगेश सारस्वत)। प्रमुख राजनैतिक दल जातिगत राजनीति से अछूते नहीं हैं। जीत के समीकरण भी जातिगत आधार पर बनाए जाते हैं। जातियां भी पार्टियों पर दबाव बनाती हैं और पार्टियां भी इनके आगे बेबस नजर आती हैं। हालांकि अजमेर संभाग के चारों जिलों में भाजपा की कब्जा है। वर्ष 2013 के विधानसभा आम चुनाव में 29 विधानसभा सीटों वाले अजमेर संभाग में कांग्रेस के खाते में महज दो ही सीटें और एक पर निर्दलीय का कब्जा है। 

वर्ष 2008 के चुनावों की बात करें तो भाजपा के पास संभाग में 11 ही सीटें हुआ करती थीं, 15 विधानसभा कांग्रेस के खाते में थी और तीन सीटों पर निर्दलीय काबिज थे। 2013 के चुनावों में मोदी लहर में कांग्रेस का सफाया हो गया था। प्रदेश की राजनीति पर एक नजर डालें को यह स्पष्ट हो जाता है कि मतदाताओं ने हमेशा ही सरकार के खिलाफ मतदान किया है। 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुख्यमंत्री निशुल्क दवा एवं जांच योजना लेकर आए थे। लेकिन जनता ने इसे भी सिरे से खारीज कर दिया और वसुंधरा राजे में भरोसा जताया और अपार जनसमर्थन दिया। प्रदेश में भाजपा को 85 सीटों की बढत मिली और 163 सीटें जीतकर सबसे बडे दल के रूप में भाजपा उभर कर सामने आई।

मुद्दे – मतदाता इस बार चेहरे भी बदलना चाहते हैं। वर्तमान विधायकों के काम काज से मतदाता भी असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। इस बार चुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ पानी का मुद्दा भी गरमाने लगा है। युवा बेरोजगार को लेकर सरकार से खासे खफा हैं। सरकार द्वारा जितनी भी भर्ती निकाली गई परिणाम आने के बाद भी नियुक्ति मिलने के बजाए प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन हैं।

सीटें – प्रमुख दलों के नेता इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि दल के नेता अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। जबकि अजमेर में पुष्कर, किशनगढ, केकडी, नागौर में डीडवाना, भीलवाडा में जहाजपुर, मांडल गढ में कडे मुकाबले की संभावना जताई जा रही है। जबकि राजनीति के जानकारों का मानना है कि टिकट वितरण के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। 

अहम सीटें – अजमेर उत्तर, अजमेर दक्षिण, पुष्कर, केकडी, शाहपुरा, मांडल, डीडवाना, अजय सिंह और खींवसर विधानसभा सीटे अहम हैं। स्थानीय मतदाता चेहरों में बदलाव चाहते हैं। 

कद्दवर नेता – कैलाश मेघवाल विधानसभा अध्यक्ष हैं और युनूस खान, अजय सिंह किलक केबिनेट मंत्री हैं।
जातिगत समीकरण – जाट – राजपूत समाज की अहम भूमिका होगी। आनंदपाल एनकाउंटर के बाद राजपूत ओर रावणा राजपूत की नाराजगी देखी जा सकती है।

जाति का झुकाव – आनंदपाल एनकाउंटर के बाद राजपूत का झुकाव कांग्रेस की ओर बन रहा है।

फैक्ट-फिगर
- संभाग में कुल कितने जिले हैं और कुल कितनी विधानसभा सीटें हैं
अजमेर संभाग में 29 विधानसभा सीटें हैं।
नागौर – 10 विधानसभा
अजमेर – 8 विधानसभा
भीलवाडा – 7 विधानसभा
टोक – 4 विधानसभा

- संभाग में बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को कितनी सीटें मिली थीं? क्या इन चुनावों इन दोनों दलों के कितने निर्दलीय या अन्य दलों के प्रत्याशियों को सीटें मिली?

अजमेर संभाग गत विधानसभा चुनाव में मिली सीटें
नागौर – 10 विधानसभा - भाजपा – 9, कांग्रेस – 0, निर्दलीय – 1
अजमेर – 8 विधानसभा – भाजपा 7 , कांग्रेस 1
भीलवाडा - 7 विधानसभा – भाजपा – 5, कांग्रेस – 2
टोक – 4 विधासभा – भाजपा 4, कांग्रेस – 0

नोट – खींवसर विधानसभा सीट से भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर हनुमान बेनीवाल ने निर्दलीय चुनाव लडा था और वह जीते भी थे।
- सीटों की संख्या में वर्ष 2008 के मुकाबले में2013 के चुनावों के नतीजों में कांग्रेस- भाजपा को कितनी सीटों का नुकसान या फायदा हुआ।

 वर्ष 2008                                                                                                           वर्ष 2013

नागौर भाजपा – 5, कांग्रेस- 4, निर्दलीय -1      भाजपा 9,निर्दलीय 1
अजमेर भाजपा 3, कांग्रेस 4, निर्दलीय 1       भाजपा 8 कांग्रेस 0
भीलवाडा भाजपा – 3, कांग्रेस- 4                  भाजपा-5 कांग्रेस- 2            
टोक भाजपा- 0 कांग्रेस-3 निर्दलीय-1          भाजपा 4 कांग्रेस-0
- संभाग में सबसे ज्यादा और सबसे कम सीटें किस जिले में हैं। साथ ही किस जिले में कितनी सीटें और उनमें अभी कितनी सीट पर किस पार्टी का विधायक है।
- नागौर जिले में सबसे अधिक 9 सीटों पर भाजपा काबिज है। जबकि टोक में कांग्रेस खाता ही नहीं खोल सकी थी।

नागौर
1 लाडनू – मनोहरसिंह भाजपा
2 डीडवाना- युनूस खन भाजपा
3 जायल – डॉ मंजू बाधमार भाजपा
4 नागौर – हबीर्बुरहमान भाजपा
5 खींवसर – हनुमान बेनीवाल निर्दलीय
6 मेडता – सुखराम भाजपा
7 डेगाना – अजय सिंह भाजपा
8 मकराना – श्रीराम भींछर भाजपा
9 परबतसर – मनसिंह किंसरिया भाजपा
10 नावां – विजय सिंह भाजपा

अजमेर
1 किशनगढ भागीरथ चौधरी भाजपा
2 पुष्कर – सुरेश सिंह रावत भाजपा
3 अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी भाजपा
4 अजमेर दक्षिण अनिता भदेल भाजपा
5 नसीराबाद सांवार लाल भाजपा (उपचुनाव में कांग्रेस जीती और रामनारायण गुर्जर विजयी रहे थे।)
6 ब्यावर शंकर सिंह रावत भाजपा
7 मसूदा सुशील कंवर पलाडा भाजपा
8 केकडी शत्रुघ्न गोतम भाजपा

भीलवाडा
1 आसींद राम लाल गुर्जर भाजपा
2 मांडल कालू लाल भाजपा
3 सहाडा डॉ बाबूराम चौधरी भाजपा
4 भीलवाडा विट्ठल शंकर अवस्थी भाजपा
5 शाहपुरा कैलाश चन्द मेघवाल भाजपा
6 जहाजपुर धीरज गुर्जर कांग्रेस
7 मांडलगढ कीर्ति कुमारी भाजपा (उपचुनाव में कांग्रेस विजय रही विवेक धाकड चुनाव जीते। )

टोंक
1 मालपुरा कन्हैया लाल भाजपा
2 निवाई हीरालाल रैगर भाजपा
3 टोंक अजीत सिंह भाजपा
4 देवली उनियारा राजेंद्र सिंह भाजपा

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