केजरीवाल पर हाईकोर्ट सख्त, पूछा—किसने दी धरने की अनुमति?

Published Date 2018/06/18 12:45, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली। दिल्ली में केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल के बीच चल रही खींचतान को लेकर अब दिल्ली हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी की है। एलजी के घर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने तीन मंत्रियों के साथ पिछले सात दिन से धरने पर बैठे हुए है। इस पर टिप्पणी करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, हम समझ नहीं पा रहे हैं कि ये धरना है या हड़ताल। क्या इसकी कोई अनुमति ली गई या खुद ही तय कर लिया गया? अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 जून को होगी। बीजेपी विधायक विजेंदर गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने पूछा कि धरने से पहले एलजी से अनुमति क्यों नहीं ली गई? दिल्ली सरकार के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि आईएसएस अधिकारियों ने मीटिंग में हिस्सा नहीं लेने की बात खुद स्वीकार की है।

इस पर हाईकोर्ट  ने कहा, मुद्दा यह है कि आप धरने पर बैठ गए हैं, लेकिन आपको धरना करने की अनुमति किसने दी?' इसके जवाब में दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि यह किसी का व्यक्तिगत फैसला है। हाई कोर्ट ने इस पर पूछा कि क्या यह संवैधानिक है? कोर्ट ने कहा, 'यह धरना नहीं है। आप किसी के घर या दफ्तर में घुसकर हड़ताल या धरना नहीं कर सकते हैं। कोर्ट ने यह भी पूछा कि धरने का यह फैसला व्यक्तिगत था या फिर कैबिनेट की मंजूरी से फैसला लिया गया।

आपको बता दें कि सीएम केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और कैबिनेट मंत्री सत्येन्द्र जैन और गोपाल राय के साथ रविवार रात से ही उपराज्यपाल के आवास-सह-कार्यालय 'राज निवास' में धरना दे रहे हैं। जबकि सिसोदिया और जैन अनिश्चिकालीन भूख हड़ताल पर हैं। केजरीवाल दिल्ली प्रशासन में काम कर रहे आईएएस अधिकारियों की अघोषित हड़ताल समाप्त करवाने, काम नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और गरीबों के घर राशन पहुंचाने के दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देने की मांग कर रहे हैं।


 

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