आखिर 5 सितम्बर को ही क्यों मनाया जाता है 'टीचर्स डे'

Published Date 2017/09/05 10:05,Updated 2017/09/05 01:38, Written by- FirstIndia Correspondent

ये तो हम सब जानते है कि 5 सितंबर को देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। 5 सितंबर 1888 को जन्मे देश के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। बता दें कि राधाकृष्णन जब देश के उप-राष्ट्रपति थे तब छात्रों ने उनका जन्मदिन मनाने का आग्रह किया था। तब मेरे राधाकृष्णन ने उनको कहा "मेरे जन्मदिन को मनाने की जगह यदि इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए, तो मुझे ज्यादा खुशी होगी।” इसके बाद से राधाकृष्णन का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। राधाकृष्णन एक शिक्षक के साथ दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर भी थे और भारत के उप-राष्ट्रपति रह कर देश के लिए काम किया था।

कौन है डॉ सर्वपल्ली:
देश के पहले उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुमनी गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बचपन से ही वे किताबें पढ़ने के शौकीन थे। स्वामी विवेकानंद और वीर सावरकर से वह काफी प्रभावित थे। 40 वर्षों तक उन्होंने शिक्षक के रूप में कार्य किया। 1954 में देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से उन्हें सम्मानित किया गया। भारत रत्न, ऑर्डर ऑफ मेरिट, नाइट बैचलर और टेम्पलटन समेत कई सम्मानों से उन्हें नवाजा गया है। 1952 से 1962 के बीच वह देश के उपराष्ट्रपति रहे। 1962 में डॉ. राजेंद्र प्रसाद का कार्यकाल खत्म होने के बाद राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति का पद संभाला।

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