संविधान में संशोधन के बिना दोनों चुनाव एक साथ संभव नहीं: निर्वाचन आयोग

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/08/16 07:44

नई दिल्ली। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ओ.पी. रावत ने आज स्‍पष्‍ट किया है कि लोकसभा और राज्‍य विधानसभाओं के चुनाव तब तक एक साथ नहीं कराये जा सकते, जब तक संविधान में जरूरी संशोधन नहीं किए जाते। एक इंटरव्यू में रावत ने कहा कि इस वर्ष के अंत में राजस्‍थान, छत्‍तीसगढ़, मध्‍य प्रदेश और मिजोरम में होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा का चुनाव नहीं कराया जा सकता है क्‍योंकि लोकसभा का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है। 

उन्होंने कहा कि बिना उचित लीगल फ्रेमवर्क के संविधान और आर पी एक्‍ट के संशोधन के बिना समकालिक चुनाव करवाना कतई संभव नहीं है। एक बार लीगल फ्रेमवर्क हो जाए तो उसके बाद लॉजिस्टिकल इश्‍यूज़ जैसे पोलिंग पर्सन, सीआरपीएफ और मशीन की बात आती है। उन्होंने बताया कि हमारी मशीनरी के बारे में एक जो स्‍टेंडर्ड प्रोटोकॉल है कि अगर मशीनें नई आ भी जाएं तो उसके बाद फर्स्‍ट लेवल चेक होता है। जिसमें एक-डेढ़ महीना लगता है। उसमें भी इंजीनियर्स की शेड्यूल भी इंपोर्टेंट होती है। इतना टाइम लगता है कि कोई भी चीज़ इस तरह से नहीं कही जा सकती कि दो महीने में या तीन महीने में हो जाएगा। और अगर किसी सदन का समय समाप्त नहीं हुआ है, उसे डिसोल्‍व नहीं किया गया है तो उसके इलेक्‍शन के बारे में बात करना ही बड़ा गलत है।

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