विश्व जनसंख्या दिवस: बढती आबादी भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती

Published Date 2018/07/11 11:19, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र ने 1989 में पहली बार 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की थी। साल 2018 में वर्ल्ड पॉप्युलेशन डे की थीम है- परिवार नियोजन हर मनुष्य का अधिकार है। भारत के लिए बढ़ती जनसंख्या सबसे बड़ी चुनौती हैं। जहां एक तरफ पूरे विश्व की जनसंख्या 7 अरब 63 करोड़ 49 लाख 40 हज़ार 24 है तो अकेले भारत की जनसंख्या 1 अरब 36 करोड़ 19 लाख 21 हज़ार 572 है।

अगर इसी रफ्तार से भारत की जनसंख्या वृद्धि दर यूं ही बनी रही तो भारत आने वाले 6 साल में चीन को भी पीछे छोड़ दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन जाएगा। भारत में दुनिया की 17.9 फीसदी आबादी रहती है, जबकि चीन में अभी 18.5 फीसदी आबादी है। ऐसे में बढ़ती जनसंख्या भारत के लिए सबसे बड़ी परेशानी है।

हर सेकेंड पैदा होते हैं 4 बच्चे
दिन में हर सेकेंड में 4 बच्चे जन्म लेते हैं और 2 लोग मर जाते हैं। यानी जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो दुनिया में 2050 तक 70 फीसदी प्रदूषित शहरों में रहेगी।
 
चीन नंबर वन
इस वक्‍त विश्‍व की कुल जनसंख्‍या 7.6 बिलियन यानी कि 760 करोड़ है। अकेले चीन में 141 करोड़ लोग रहते है और जनसंख्या के मामले में चीन दुनिया में नबंर वन है। दूसरे स्थान पर भारत (135 करोड़) और अमेरिका (32.67 करोड़ ) तीसरे नंबर पर है।

जनसंख्या के प्रति जागरुकता
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र संघ की पहल पर ही हर साल 11 जुलाई को पूरी दुनिया में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। जनसंख्या रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने जरूरी हैं। यही वजह है कि इस दिन बढ़ती हुई जनसंख्या के प्रति लोगों को जागरुक किया जाता है और रिप्रॉडक्टिव हेल्थ के महत्व के बारे में भी जानकारी दी जाती है।

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