अमेरिका ने रूस के 7 करीबियों और 17 वरिष्ठ अधिकारियों पर लगाए प्रतिबंध

Published Date 2018/04/07 11:27,Updated 2018/04/07 11:35, Written by- FirstIndia Correspondent

वाशिंगटन। अमरीका ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के 7 क़रीबियों और 17 वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों समेत कई कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया है। इन सभी पर 'पूरी दुनिया में हानिकारक गतिविधियां चलाने' का आरोप लगाया गया है। अमरीका ने रूस के उच्च वर्ग से संबंधित 12 कंपनियों, सरकारी हथियार निर्यातक कंपनी और साथ ही एक बैंक को भी प्रतिबंधित किया है।

आपको बता दें कि अमरीका ने जिन लोगों पर प्रतिबंधित किया है, उनमें से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बॉडीगार्ड, उनके दामाद, राष्ट्रपति के निकट सहयोगी और उनके नियंत्रण वाली कई कंपनियां शामिल हैं।अमरीका ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के ख़िलाफ़ अभी तक का सबसे आक्रामक कदम उठाया है।

हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने कहा है कि इन प्रतिबंधों का मतलब यह नहीं है कि अमरीका ने रूस से अपने रिश्ते ख़त्म कर लिए हैं। ऐसा कुछ नहीं होगा और साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि ''आज ये जो प्रतिबंध लगाए हैं और साथ ही जो भी प्रशासनिक कदम उठाए गए गए हैं, उनमें कांग्रेस की मंजूरी का ध्यान रखा गया है। यह साबित करता है कि राष्ट्रपति की बात बिलकुल सही थी कि कोई भी रूस पर कठोर क़दम नहीं उठाता था।" सारा सैंडर्स ने यह भी कहा कि, "हम रूसी सरकार के साथ सकारात्मक रिश्ता चाहते हैं लेकिन यह तभी हो सकेगा जब उनकी तरफ़ से भी व्यवहार में बदलाव आए।''

गौरतलब है कि अमरीका की तरफ़ से लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में रूस ने भी कड़े क़दम उठाने की धमकी दी है। और रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में यह भी कहा है कि इस तरह के दबाव के आगे रूस अपने रास्ते से हटने वाला नहीं है। रूसी विदेश मंत्रालय ने अमरीका के क़दमों को मूर्खतापूर्ण बताया है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध ख़राब होंगें।

जानकारी के लिए बता दें कि अमरीका ने जिन लोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं, उनमें सुलेमान करीमोव का नाम भी शामिल है। ये रूस के सबसे अमीर नागरिकों में से एक हैं। इनका परिवार रूस का सबसे बड़ा सोने का उत्पादक है। पिछले महीने ही अमरीका ने 19 रूसी नागरिकों को कथित तौर पर साइबर हमला करने और अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप करने के आरोप में प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बाद रूस और ब्रिटेन के बीच चल रहे राजनीतिक गतिरोध में भी अमरीका ने ब्रिटेन का साथ देते हुए अपने देश में मौजूद कई रूसी राजनयिकों को निष्काषित कर दिया था।

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