भारत पर बढ़ सकता है दबाव, चीन का 'वन बेल्ट वन रोड' फोरम में शामिल होगा अमेरिका

Published Date 2017/05/13 10:33, Written by- FirstIndia Correspondent

14 और 15 मई को चीन के शहर पेइचिंग में आयोजित OBOR फोरम में अमेरिका द्वारा अचानक लिए यू-टर्न ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिका ने अचानक यूटर्न लेते हुए चीन के 'वन बेल्ट, वन रोड' फोरम में शामिल होने का फैसला किया है। अमेरिका का यह कदम भारत पर काफी दबाव डालने वाला है क्योंकि अभी तक भारत ने चीन के 'वन बेल्ट, वन रोड' समिट में अपना प्रतिनिधि भेजने पर कोई निर्णय नहीं लिया है।

 


भारत ने अभी तक इस फोरम में किसी भी प्रतिनिधि को भेजने पर कोई फैसला नहीं किया है। भारत का कहना है कि चीन के इस प्रॉजेक्ट को लेकर विश्वास का कोई खास माहौल नहीं है। भारत मानता है कि चीन ने अपनी इस परियोजना के लिए भरोसे का माहौल पैदा नहीं किया और इसका सबसे बड़ा उदाहरण है चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC)| हालाकिं, ओबोर की सदस्यता को आधिरित संगठन नहीं है। इललिए इसका सदस्य न बनना भारत को कोई खास नुकसान नहीं देगा।

 


संभव है कि भारत इसमें कनिष्ठ स्तर के प्रतिनिधियों को भेजे और उच्च स्तरीय अधिकारियों को भेजन से बचे। इस बैठक में 50 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिसमें कुछ भारतीय विशेषज्ञ भी शामिल हो सकते हैं। बता दें कि इस बैठक में 50 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे, जबकि 28 देशों के नेता इसमें शिरकत करने के लिए पहुंच रहे हैं। इन नेताओं में रूस से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हैं।

 


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