फौजी मुकुट बिहारी की शहीदी पर गर्व, लेकिन 5 माह की पुत्री का पालन पोषण कौन करेगा -ग्रामिण

Published Date 2018/07/12 06:21,Updated 2018/07/12 08:21, Written by- FirstIndia Correspondent

झालावड़। जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। कुपवाड़ा के जंगलों में छिपे आतंकियों की तरफ से फायरिंग हुई तो जवाब में सुरक्षाबलों ने भी हमला किया। जानकारी के  मुताबिक दुश्मनों को जवाब देते हुए तेज गोलीबारी में आर्मी कमांडो मुकुट बिहारी मीणा शहीद हो गये।

सैन्य अफसर के अनुसार, आज दोपहर कांडी के साडू गंगा जंगल क्षेत्र में भिड़ंत के दौरान सिपाही मुकूट को गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें वहां से सुरक्षित निकालकर दुर्गमूला में सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कल देर रात्रि को सैन्य अधिकारी व जिला प्रशसन के आला अधिकारी लदानिया गांव पहुंचे और परिवार वालो को शहीद की शहादत की जानकारी दी, जिससे खानपुर के लड़ानिया गाव में मातम पसर गया और लोग शहीद के घर पहुंचने लगे। 

गांव के लोगों से जब इस बारे में बात किया गया तो उन्होंने कहा कि निसंदेह उन्हें गांव के बेटे की शहादत पर गर्व है, लेकिन अब सवाल शहीद के घर और परिवार के भरण पोषण का है। ग्रामिणों ने बताया कि 5 साल पहले ही मुकुट बिहारी मीणा फौज में भर्ती हुवे थे और पिछले डेड साल पहले उनका विवाह हुवा था। लोगों ने कहा कि देश को अपना घर समझने वाला बेटा तो अब इस दुनियां से चला गया, लेकिन अब क्या सरकार उसके 5 माह की पुत्री और 3 बड़ी बहनों के भविष्य के बारे में सोचते हुए कुछ फैसले लेगी?

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

loading...

-------Advertisement--------



-------Advertisement--------

26636