बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुले, खुलने के साथ ही चार धाम की यात्रा पूरी तरह शुरू

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/04/30 05:18

बद्रीनाथ।गढ़वाल के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित भगवान बद्रीनाथ धाम के कपाट 6 महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद सोमवार को बह्रम मुहूर्त में विधि विधान के साथ सुबह 4.30 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए जिसके बाद इस वर्ष की चारधाम यात्रा पूरी तरह से शुरू हो गई। गढ़वाल हिमालय में चारधाम के नाम से प्रसिद्ध अन्य तीनों धाम, गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ पहले ही श्रद्धालुओं के लिए खुल चुके हैं।  

मंदिर परिसर में ठंड के बावजूद बद्रीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल और मुख्य कार्याधिकारी वीडी सिंह सहित कई श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भगवान बद्रीनाथ के जयघोष के बीच वैदिक रीति से विधिवत पूजा अर्चना के बाद सुबह साढ़े 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। कपाट खोले जाने की प्रक्रिया बद्रीनाथ मन्दिर के मुख्य पुजारी रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूरी ने सम्पन्न की। कपाट के खुलते ही पहले से सिंहद्वार के सामने खडे श्रद्वालुओं ने भगवान बद्रीविशाल की अखण्ड ज्योति के दर्शन किए और पहले दिन की पूजा में शामिल हुए। कपाट खुलने के मौके पर मन्दिर सहित पूरे परिसर को गेंदे के पीले फूलों से सजाया गया था। सेना के बैण्डों की मधुर धुन और स्थानीय वाद्य-यंत्र ढोल-दमाऊ की थाप और गीत और भजनों से मन्दिर परिसर का माहौल भक्तिमय बन गया था।

बद्रीनाथ के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा पूरी तरह से शुरू हो गई है। केदारनाथ धाम के कपाट रविवार को खोले गए थे जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व पर खोले गए थे। सर्दियों में भारी बर्फवारी और भीषण ठंड की चपेट में रहने के कारण चारों धामों के कपाट अक्टूबर-नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं जो अगले साल अप्रैल-मई में दोबारा खोल दिए जाते हैं। 6 महीने के सीजन के दौरान देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर पहुंचते हैं।  

6 महीने के लिए खुले रहेंगे कपाट
बद्रीनाथ और केदारनाथ के कपाट केवल 6 महीने के लिए ही खुलते हैं. 6 महीने तक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन करने पहुंचते हैं. नवंबर के दूसरे हफ्ते में अगले 6 महीने के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. बता दें बद्रीनाथ में एक कुंड है जिसे तप्त कुंड कहा जाता है. इस कुंड से गर्म पानी निकलता है. इस कुंड में नहाना धार्मिक लिहाज से तो महत्वपूर्ण है ही, साथ में स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह बहुत महत्वपूर्ण है. कपाट खुलने के अवसर पर बद्रीनाथ मंदिर को करीब 15 क्विंटल फूलों से सजाया गया है. कपाट खुलने को लेकर भक्तों में गजब का उत्साह था. सभी भक्त जयकारे लगा रहे थे. सुबह कपाट खुलने के बाद तिल के तेल से भगवान बदरी विशाल का महाभिषेक किया गया. साथ ही उनके शरीर पर लेपन भी किया गया.

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