जयपुर एयरपोर्ट पर विमानों को भी लग रही 'लू'

Published Date 2018/06/13 05:09, Written by- FirstIndia Correspondent

जयपुर (काशीराम चौधरी)। जयपुर एयरपोर्ट पर पिछले कुछ समय में विमानों में तकनीकी खराबी के मामले एक साथ बढ़े हैं। गर्मियों के सीजन में विमानों में तकनीकी खराबी के मामले सामने आ रहे हैं या फिर दूसरे शब्दों में अगर ये कहें कि शायद विमानों को भी 'लू' लग रही है, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। क्यों बढ़ रही है इस 'लू' के पीड़ित विमानों की संख्या और क्या हो सकता है समाधान। देखिए, ये खास रिपोर्ट...

जयपुर हवाई अड्डे से वर्तमान में रोजाना 65 फ्लाइट्स का संचालन हो रहा है और महीने में औसतन 3900 विमानों का आवागमन होता है। विमानों के बढ़ते संचालन के बीच विमानों में तकनीकी खराबी के मामले भी बढ़े हैं। विमानन भाषा में इसे 'टेक्निकल स्नैग' कहा जाता है। दरअसल, जब से गर्मी ने अपना रंग दिखाया है और प्रदेश में पारा 45 डिग्री को भी पार कर गया है, उससे विमानों के संचालन में परेशानी देखने को मिल रही है।

अप्रैल से आज तक यानी करीब ढाई महीने की अवधि में ही तकनीकी खराबी के 8 मामले सामने आ चुके हैं। इसी महीने अब तक दो विमानों में तकनीकी खराबी हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय संस्था आईसीएओ के मानकों के अनुसार आमतौर पर 10 हजार विमानों के उड़ान भरने के दौरान केवल 1 विमान में ही तकनीकी खराबी होती है। इस लिहाज से पिछले ढाई माह में केवल 1 तकनीकी खराबी होनी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत आठ विमानों में खराबी हुई है। कहा जा सकता है कि अंतरराष्ट्रीय विमानन मानकों के अनुसार मेंटीनेंस नहीं किया जा रहा है, जिससे विमानों में खराबी के मामले आठ गुना अधिक बढ़े हैं। 

एक तरफ विमानों में खराबी का आंकड़ा अंतरराष्ट्रीय मानकों से भी ज्यादा है। वहीं दूसरी तरफ इससे एयरलाइंस के मेंटीनेंस की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जितने विमान पिछले कुछ महीनों में जयपुर एयरपोर्ट पर हुए हैं, उससे लगता है कि एयरलाइंस अधिक कमाई के लिए विमानों का प्रॉपर मेंटीनेंस नहीं कर रही हैं। अब विमानों को रात 2 से 3 बजे तक संचालित किया जात है और इसके बाद सुबह 5 बजे से फिर से फ्लाइट शुरू हो जाती है। यानी 24 घंटे में एक विमान औसतन 2 से 3 घंटे ही बंद रहता है। अभी तक ज्यादातर मामलों में तकनीकी खराबी के मामले जमीन पर ही सामने आ गए। ऐसे में यदि उड़ते हुए विमान में खराबी हुई तो यह किसी हादसे का रूप भी ले सकती है।

पहली तिमाही की तुलना में दोगुने विमान खराब '
1 अप्रैल से 13 जून के बीच खराबी के मामले : 8
- 13 जून को स्पाइसजेट जयपुर-दुबई फ्लाइट SG-57 में तकनीकी खराबी, 1 घंटे में ठीक हुआ विमान
- 8 जून को स्पाइसजेट जयपुर-गुवाहाटी फ्लाइट SG-341 में तकनीकी खराबी, 11 घंटे में ठीक हुआ विमान
- 28 मई को एयर इंडिया जयपुर-दिल्ली फ्लाइट AI-492 में तकनीकी खराबी, 12 घंटे बाद ठीक हुआ विमान
- 28 मई को एयर अरबिया जयपुर-शारजाह फ्लाइट G9-436 में तकनीकी खराबी, डेढ घंटे में ठीक हुआ विमान
- 16 मई को स्पाइसजेट जयपुर-जैसलमेर फ्लाइट SG-2981 में तकनीकी खराबी, फ्लाइट की गई रद्द
- 11 अप्रैल को इंडिगो कोलकाता-जयपुर फ्लाइट 6E-832 में खराबी, 9 घंटे में ठीक हो सका विमान
- 11 अप्रैल को गो एयर जयपुर-हैदराबाद फ्लाइट G8-703 में तकनीकी खराबी, 5 घंटे में ठीक हो सका विमान
- 7 अप्रैल को एयर इंडिया जोधपुर-दिल्ली फ्लाइट AI-476 में खराबी, 8 घंटे में ठीक हुआ विमान

1 जनवरी से 31 मार्च तक खराबी के मामले : 4
- 31 मार्च को स्पाइसजेट जयपुर-वाराणसी फ्लाइट SG-2985 में खराबी, 4 घंटे में ठीक हुआ विमान
- 18 मार्च को एयर इंडिया जयपुर-लखनऊ फ्लाइट 9I-691 में माइनर खराबी, आधे घंटे लेट हुई फ्लाइट
- 17 मार्च को जेट की जयपुर-मुम्बई फ्लाइट 9W-417 में खराबी, विमान को किया गया ग्राउंड
- 22 फरवरी को दिल्ली-जयपुर एयर इंडिया फ्लाइट AI-9843 में खराबी, 7 दिन में ठीक हुआ विमान

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