‘वरदा’ तूफान से चेन्नई में तबाही, जंगल जैसा मंजर

Published Date 2016/12/14 11:00, Written by- FirstIndia Correspondent

चेन्नई| चेन्नई में तूफान ‘वरदा’ के दस्तक देने के एक दिन बाद मंगलवार को जब लोग सुबह उठे तो उन्हें एक अलग ही मंजर दिखाई दिया। हर जगह टूटे हुए पेड़ पड़े थे, जिनसे सड़कें बाधित थीं। यहां-वहां साइन बोर्ड और होर्डिग्स पड़े हुए थे। परिसरों की दीवारें क्षतिग्रस्त थीं। टूटे हुए पेड़ों के नीचे दबे वाहन थे, बिजली और दूध की आपूर्ति बाधित थी।रिहायशी कॉलोनियों में रहने वाले लोग तूफान वरदा से मची तबाही को देखकर दंग थे और परिसरों में टूटे पड़े पेड़, पौधों और टहनियों को उठा रहे थे।

 

सरकारी कंपनी में काम करने वाले एक कर्मचारी के.मुरलीधरन ने आईएएनएस से कहा, “घर में न तो बिजली थी और न ही दूध। इसलिए हमने एक होटल में जाकर खाने का फैसला किया। होटल ने हालांकि कहा कि वे कार्ड से भुगतान नहीं ले रहे हैं, क्योंकि स्वाइप मशीनें काम नहीं कर रही हैं। हमें घर वापस आकर किसी तरह खाना बनाकर खाना पड़ा।”रिहायशी इलाकों में टूटे हुए पेड़ों को देख रहे कारोबारी ए.विश्वनाथ ने कहा, “ऐसा लगा रहा है जैसे हम जंगल के बीच में हों।”तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि 4,000 से अधिक पेड़ उखड़ गए हैं।

 

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह संख्या बढ़ भी सकती है।हालांकि, नगर निगम ने यातायात के लिए सड़कों पर टूटे पड़े पेड़ हटा दिए हैं। रिहायशी इलाकों से इन्हें हटाने में अभी कुछ दिनों का समय लग सकता है।बस सेवाएं दोबारा शुरू कर दी गई हैं। हालात सामान्य होने में अभी कुछ और वक्त लगेगा।जिस स्थान पर पूर्व मुख्यमंत्री जे.जयललिता को दफनाया गया है, वहां चक्रवाती तूफान के बावजूद कैनोपी अपनी जगह पर ही है।

 

जयललिता को दफनाए गए स्थान के आसपास पानी आने से रोकने के लिए रेत से भरे कई बैग चारों ओर लगाए गए हैं।सरकार ने चेन्नई, तिरुवल्लुर और कांचीपुरम जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए अवकाश की घोषणा की है।तूफान वरदा से उत्तर चेन्नई तापीय बिजली केंद्र (एनसीटीपीएस) की 600 मेगावाट इकाई-1 में बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है।पीओएसओसीओ के मुताबिक, एनसीटीपीएस की दो अन्य इकाइयों (600 मेगावाट तथा दूसरी 210 मेगावट) में विद्युत उत्पादन ठप हो गया है।

 

पीओएसओसीओ ने कहा कि तीनों इकाइयों से विद्युत उत्पादन कितने समय में फिर से शुरू होगा, इसकी कोई जानकारी नहीं है।इसी तरह, बिजली आपूर्ति लड़खड़ाने से मद्रास नाभिकीय विद्युत केंद्र (एमएपीएस) की 200 मेगावाट की दो इकाइयों में विद्युत उत्पादन सोमवार शाम से ही ठप है।पीओएसओसीओ के मुताबिक, एनसीटीपीएस की इकाई-1 संयंत्र ने तेज हवाओं के कारण सोमवार सुबह काम करना बंद कर दिया, जबकि दूसरे 600 मेगावाट के संयंत्र ने बिजली बाधित होने के कारण काम करना बंद कर दिया।

 

पीओएसओसीओ ने कहा कि एनसीटीपीएस की 210 मेगावाट इकाई के काम न करने के कारणों की जांच की जा रही है।चेन्नई, कांचीपुरम तथा तिरुवल्लूर जिलों में विद्युत आपूर्ति बहाल करने में एक या दो दिन का समय और लगेगा।तूफान से प्रभावित इन तीनों जिलों में बिजली आपूर्ति कब बहाल होगी, यह बताने के लिए कोई शीर्ष अधिकारी उपलब्ध नहीं हुए।

 

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में तूफान ‘वरदा’ से दो लोगों की मौत हो गई। क्षेत्र में भारी बारिश का दौर जारी है।सोमवार की देर रात जारी एक बयान में मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम ने कहा, “तूफान वरदा के कारण 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा की वजह से क्षतिग्रस्त हुई पावर लाइनों की मरम्मत के लिए तमिलनाडु विद्युत बोर्ड ने 4,000 कर्मचारियों को तैनात किया है।”पन्नीरसेल्वम ने कहा कि उत्तर चेन्नई, तिरुवल्लूर तथा कांचीपुरम जिलों में विद्युत आपूर्ति को बहाल करने में दो दिन का समय लगेगा।

 

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