VIDEO : पोक्सो एक्ट में राजस्थान का पहला बड़ा फैसला, 7 माह की मासूम से दुष्कर्म करने वाले को सजा-ए-मौत

Nizam Kantaliya Published Date 2018/07/21 04:56

अलवर। देश में मासूम बच्चियों के साथ बढती दुष्कर्म कि घटनाओं के बीच राजस्थान के अलवर जिले की पोक्सो अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सात माह की दुधमुंही बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी पिंटू भराड़ा को जज जगेन्द्र अग्रवाल ने फांसी की सजा सुनायी है। फैसला सुनाते हुए अदालत ने सख्त कानून बनाने के लिए केन्द्र सरकार की तारीफ भी है और उम्मीद जतायी है समाज से ऐसे घिनौने कार्य करने वाले दोषियों को बख्शा नही जायेगा।

अलवर के एक परिवार के लिए 10 मई का दिन ऐसा मनहूस बनकर आया, जब अपनी माता पिता के बीच सो रही 7 माह की मासूम का   हवस के लिए ना केवल अपहरण किया गया बल्कि उसके साथ दुष्कर्म भी हुआ। दुनिया की समझ पैदा होने से पहले ही इस मासूम के साथ जो घिनौनी हरकत की गई। मामले में अलवर पुलिस की तत्परता से तुरंत ही आरोपी को गिरफतार कर लिया गया था, जिसे पोक्सो अदालत ने आखिरकार सजा ए मौत दी है।

बता दें कि निर्भया काण्ड के बाद देश में दुष्कर्म के मामले में सख्त कानून बनाये जाने की मांग होती रही है, जिसके बाद 2012 में पोक्सो एक्ट लाया गया। लेकिन इसके बाद भी देश में मासूम बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में नही रूके। ऐसे में मध्यप्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यो ने अपने अपने राज्यो में पोक्सो में फांसी की सजा के बदलाव के लिए कानून बनाकर केन्द्र को भेजे। केन्द्र ने राज्यो के सुझाव पर फैसला लेते हुए 21 अप्रैल 2018 को पोक्सो एक्ट में दो बड़े बदलाव कर फांसी की सजा का प्रावधान किया। इसके तहत 12 साल से कम उम्र की ​बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालो को सजा आजीवन कारावास से सजा ए मौत तक प्रावधन रखा गया।

उल्लेखनीय है कि पोक्सो एक्ट में बदलाव के बाद इंदौर की पोक्सो अदालत ने देश का पहला फैसला सुनाया था, जिसमे चार माह की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी नवीन उर्फ अजय गड़के को अदालत ने फांसी की सजा सुनायी थी, इसके बाद अलवर की अदालत का ये फैसला देश में तीसरा बड़ा फैसला है। वहीं राजस्थान के न्यायिक इतिहास में पोक्सो के बदलाव के बाद ये पहला ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया है। 

मासूम से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने आरोपी को महज कुछ ही दिनों में सजा सुनाकर एक नई नजीर पेश की है । अब देखना होगा वर्तमान में विचाराधीन मामलों में हो रही सुनवाई में क्या तेजी आती है।

केस से जुड़े कुछ अहम फैक्टसः 
1. पोक्सो कोर्ट ने 22 दिन में सुनाया फैसला
2. घटना के 72 दिन बाद मासूम को मिला न्याय
3. दुष्कर्म के आरोपी को सुनायी मौत कि सजा 
4. 9 मई 2018 को हुआ मासूम के साथ दुष्कर्म
5. 10 मई 2018 को पुलिस ने दर्ज कि एफआईआर
6. अगले ही दिन पुलिस ने किया आरोपी को गिरतफार
7. 22 अदालती कार्य दिवस में 12 बार पेशी 
8. प्रतिदिन 5—7 घण्टे कि जज जगेन्द्र अग्रवाल ने सुनवाई 
9. 17 जुलाई 2018 को सुनी थी अंतिम बहस 
10. 18 जुलाई को मामले में दोषी किया गया घोषित
11. 21 जुलाई को किया मौत कि सजा का ऐलान
12. आईपीसी 363, 366, 376, पोक्सो एक्ट की धारा ए बी 5एम/6  में दर्ज हुई थी एफआईआर
13. 21 जून को मामले में लिया गया था प्रसंज्ञान चार्ज
14. 28 जून से मामले में हुई प्रतिदिन सुनवाई शुरू 
15. अलवर के लक्ष्मणगढ़ थाने में दर्ज हुई थी एफआईआर
16. मासूम के पिता ने दर्ज करायी थी एफआईआर 

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