अदालती लड़ाई जीतने के बाद हरकत में आई 'आप', तुरंत लिए ये फैसले

Published Date 2018/07/04 06:52, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में अदालती लड़ाई जीतने के बाद फिलहाल इस समय केजरीवाल सरकार के हौंसले बुलंद हैं। अदालत द्वारा ये कहने पर कि दिल्ली सरकार के सभी फैसले उपराज्यपाल पर बाध्य होंगे के बाद केजरीवाल ने अहम बैठक बुलाई है। 

गौरतलब है कि फैसला आने के बाद केजरीवाल सरकार धड़ाधड़ फैसले ले रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सचिवालय पर कैबिनेट अपनी बैठक में  मंत्रियों के विभागों में लंबित पड़े कामकाज से जुड़ी फाइलों को तलब करना शुरू कर दिया है। 

बता दें कि दिल्ली के उपराज्यपाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, दिल्ली में उपराज्यपाल की मनमानी नहीं चलेगी। एलजी को चुनी हुई सरकार के काम में एलजी को बाधा डालने का अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब दिल्ली की सरकार को कानून बनाने की इजाजत मिल गई है। अब एलजी के पास फाइल भेजने की जरूरत नहीं है। 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, यह दिल्ली के लोगों और लोकतंत्र की एक बड़ी जीत है। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी ट्वीट किया, अब एलजी के पास मनमानी का पावर नहीं रहा। सुप्रीम कोर्ट ने अब तक जो फैसला सुनाया है वह ऐतिहासिक फैसला है।

दिल्ली के सीएम और एलजी के अधिकारों पर चल रही सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के 3 जजों ने एक तरह से शर्तों के साथ दिल्ली का बॉस दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को माना है। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों ने अपनी टिप्पणी में कहा कि जनमत के साथ अगर सरकार का गठन हुआ है, तो उसका अपना महत्व है। तीन जजों ने कहा कि एलजी को दिल्ली सरकार की सलाह से काम करना चाहिए। 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, एलजी ही दिल्ली के प्रसाशक हैं। लेकिन, हर मामले में एलजी की इजाजत की जरूरत नहीं है। एलजी कैबिनेट की सलाह से काम करें। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा संसद का कानून सर्वोच्च है। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता है। दिल्ली में अराजकता की जगह नहीं है। कोर्ट ने कहा, चुनी हुई सरकार के काम में एलजी बाधा नहीं डाल सकते है।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

loading...

-------Advertisement--------



-------Advertisement--------

25846