एक बार फिर होगा 'आनंदपाल का एनकाउंटर'

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/30 15:29

चूरू। राजस्थान पुलिस फिर से एनकाउंटर करने जा रही है, वह भी कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल का। जी हां, आनंदपाल एनकाउंटर को लेकर सीन रिक्रिएट करने के लिए राजस्थान पुलिस सीबीआई जांच के तहत डमी आनंदपाल का एनकाउंटर करेगी। बता दें कि इस साल 8 जनवरी से आनंदपाल एनकाउंटर की सीबीआई जांच चल रही है। इस जांच के दौरान राजस्थान पुलिस को डमी आनंदपाल का एनकाउंटर करना है। अब ये तो सीबीआई जांच के बाद ही पता चलेगा की यह एनकाउंटर सही था या नहीं और किस तरह उन्होंने आनंदपाल का एनकाउंटर किया था।

गौरतलब है कि कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद प्रदेश के राजपूूत नेताओं ने वसुंधरा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और इस एनकाउंटर को फर्जी बताया था। साथ ही राजपूत समाज के नेताओं ने इस एनकाउंटरर की सीबीआई जांच की मांग की थी। वहीं इस मामले की सीबीआई जांच चल रही है और राज्य सरकार भी आगामी विधानसभा चुनाव में राजपूत समाज की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती है। इसके चलते सीबीआई जांच भी तेज चल रही है। आनन्दपाल की दहशत का अंत अमावश्या की काली रात को हुआ था, वहीं एनकाउटंर करने वाले पुलिस दल की अग्नि परीक्षा 31 जुलाई को होनी तय हुई है। 

आनंदपाल एनकाउंटर मामले की सीबीआई जांच में सूत्रों की मानें तो सीबीआई की इन्वेस्टिगेशन लगभग पूरी हो गई है और अब सीएफएसल और सीबीआई के अधिकारियों के सामने 31 जुलाई को गांव मालासर में एक बार फिर से आनंदपाल का एनकाउंटर किया जाएगा। इस दौरान आनंदपाल के एनकाउंटर का पूरा सीन रिक्रिएट किया जाएगा और एनकाउंटर में शामिल सभी पुलिसकर्मी भी सीबीआई टीम के सामने मौजूद रहेंगे। दरअसल, एनकाउंटर दल को इस एनकाउटंर की सीबीआई जांच में अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है। सीबीआई देखना चाहती है कि किस प्रकार 59 अधिकारी व जवानों ने आनन्दपाल का एनकाउंटर किया था।

ये है आनंदपाल एनकाउंटर की पूरी दास्तां :
हम आपको बताते हैं कि आनन्दपाल एनकाउंटर की उस काली रात हुए दशहत के अंत का लाईव कि किस प्रकार एसओजी, हरियाणा पुलिस और राजस्थान पुलिस ने मिलकर आनन्दपाल को ढेर किया। 23 व 24 जून 2017 अमावश्या की रात को गांव मालासर में श्रवणसिंह के मकान पर आनंदपाल का एनकाउंटर किया गया था। एनकाउंटर में चूरू पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट भी शामिल थे। एसओजी प्रमुख दिनेश एमएन के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। 

एनकाउंटर के वक्त मौजूद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रात करीब नौ बजे पुलिस के 30-35 कमांडों और जवानों के साथ चुरू और नागौर के पुलिस अधिकारियों के साथ रतनगढ़ के मालासर पहुंचे और वहां श्रवण सिंह के मकान को घेर लिया। पहुंचते ही सबसे मकान के पास खड़ी उसकी गाड़ी को पंक्चर कर दिया तथा उस वक्त घर में आनंदपाल के साथ-साथ तीन महिलाएं और तीन पुरुष तथा कुछ बच्चे मौजूद थे। ये सभी ग्राउंड फ्लोर पर बने कमरों में रह रहे थे। इन सभी को एक कमरे में बंद कर दिया गया।

उस समय आनंदपाल पहली मंजिल पर था। यहां दो कमरे हैं और इन तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों से आठ-दस कमांडोज की टीम ऊपर जाने का प्रयास करती रही। दूसरी टीम बाहर से निगरानी रख रही थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आनंदपाल को सरेंडर करने के लिए कहा तो उसने बाहर खड़े पुलिस अधिकारियों पर फायर किया। जबाव में सीढ़ियों के पास खड़ी टीम ने फायर किया। 

इसके बाद आनंदपाल कभी बाहर वाली टीम पर तो कभी सीढ़ियों के रास्ते ऊपर पहुंचने वाली टीम पर फायर करता रहा। इस दौरान वह कभी एक कमरे में तो कभी दूसरे कमरे में जाकर फायर करता। करीब एक घंटे तक दोनों ओर से फायरिंग हुई। पुलिस के अनुसार, आनंदपाल ने एके 47 से 100 राउंड फायर किए। पुलिस की ओर से 50 राउंड फायर की बात कही जा रही है, लेकिन कुछ लोग इससे कहीं ज्यादा राउंड फायर होने के दावे कर रहे हैं। इस दौरान वहां एक शीशा रखा था। सीढ़ियों के पास मौजूद टीम के अधिकारियों ने इस शीशे को हॉकी स्टिक की मदद से सीढ़ियों के पास ऐसे स्थान पर सरकाया, जहां से उसमें आनंदपाल का मूवमेंट नजर आता रहे। इस शीशे में देखकर पुलिस ने अपनी ओर से फायरिंग की।

इस बीच कांस्टेबल सोहनलाल और धर्मपाल तथा इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह छत तक पहुंचने में सफल हो गए, सोहनलाल की गोली आनंदपाल को लगी। इस दौरान आनंदपाल की गोलियां भी सोहनलाल को लग गई। इसके बाद घायल हुए आनंदपाल को अन्य जवानों ने मार गिराया। गोलियों से बचने के चक्कर में एक इस्पेक्टर के छत से कूदने की भी बात सामने आई, ​जिससे उसके हाथ में फ्रेक्चर आ गया। आनंदपाल की मौत के बाद पुलिस ने वहां कमरों की तलाशी ली। यहां पुलिस को तीन मोबाइल फोन और कुछ डायरियां मिली। चुरू एएसपी राहुल बारहठ का कहना है कि इसकी जांच के आधार पर आनंदपाल को पनाह देने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
 
हार्डकोर अपराधी आनंदपाल एनकाउंटर की जांच में आठ जनवरी से जुटी सीबीआई टीम ने अपना इनवेस्टीगेशन लगभग पूरा कर लिया है। अब 31 जुलाई को तहसील के गांव मालासर में सीएफएसएल द्वारा एनकाउंटर सीन रि-क्रिएट करवाया जाएगा। इस दौरान सीबीआई डीएसपी सुनील एस रावत की टीम भी मौजूद रहेगी। इसके लिए एनकाउंटर में शामिल एसओजी, हरियाणा व राजस्थान पुलिस के 59 अधिकारी व जवानों को तलब किया गया है। 31 जुलाई को एनकाउंटर की घटना उसी तरीके से दोहराई जाएगी, जैसे 23 व 24 जून की दरमियानी रात गांव मालासर में श्रवणसिंह के मकान पर आनंदपाल का एनकाउंटर किया गया था।

एनकाउंटर में शामिल अधिकारियों व जवानों को जैसे उनके द्वारा सीबीआई के बयानों में बताया गया है कि किस पॉजिशन से उन्होंने कितने फायर किए, किस जगह फायर किए सबको पुनः दोहराया जाएगा। सूत्रों की मानें तो सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री द्वारा एनकाउंटर में शामिल अधिकारियों द्वारा जवानों और आनंदपाल के हथियारों की जांच का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। इसमें किस हथियार से कितने फायर किए गए, इन तमाम बातों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पूरी मामले में सीएफएसएल रिपोर्ट जांच की अहम भूमिका रहेगी।

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