चुनाव को लेकर आबकारी विभाग भी 'अलर्ट', अवैध शराब की बिक्री होगी बंद!

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/10/11 06:48

जयपुर (काशीराम चौधरी)। राज्य में आदर्श आचार संहिता लग चुकी है और 7 दिसंबर को चुनाव होंगे। वोट बैंक के लिए राजस्थान में शराब का लालच देना आम बात है और इसके लिए दूसरे राज्यों से अवैध रूप से भी शराब लाई जाती है। इसे रोकने के लिए अब आबकारी विभाग ने कमर कस ली है। यहां तक कि आबकारी विभाग से जुड़े गोदामों पर निर्वाचन विभाग ने सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए हैं।

चुनावों के सीजन में शराब बिक्री आमतौर पर डेढ़ से दो गुना तक बढ़ जाती है। लेकिन बिक्री अवैध शराब की न हो, इसे लेकर आबकारी विभाग ने इस बार अभी से विशेष अभियान शुरू कर दिया है। आबकारी विभाग ने जयपुर शहर में विशेष टीम गठित की है, जो रोजाना अलग-अलग हिस्सों में गश्त करेगी और अवैध शराब की बिक्री को पूरी तरह रोका जाएगा।

आबकारी विभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि खासतौर पर 3 प्रमुख जगहों पर सावधानी बरती जा रही है। इनमें शराब के मैन्यूफैक्चरिंग पॉइंट, इसके बाद शराब की दुकानों और रेस्टोरेंट और तीसरे ऐसे पॉइंट, जहां पर शराब अवैध रूप से लाई जाकर स्टोर की जा रही हो। अवैध शराब मुख्य रूप से हरियाणा से लाई जाती है, इसके लिए आबकारी विभाग ने चैकिंग पॉइंट पर टीम लगा दी हैं। जयपुर शहर में ऐसे स्थानों पर आबकारी निरोधक दल कार्रवाई करेगा। विभाग के अधिकारी न केवल सभी दुकानों और रेस्टोरेंट की शराब बिक्री का स्टॉक चैक करेंगे, साथ ही क्षेत्र विशेष में बिक्री बढ़ने पर इस बारे में निर्वाचन विभाग को सूचना भी देंगे।

कितना है शहर में शराब का कारोबार :
- जयपुर शहर में 194 देशी शराब की दुकानें
- जयपुर शहर में अंग्रेजी शराब दुकानों की संख्या 205
- 280 बियर बार और रेस्ट्रोबार खुले हुए शहर में
- 4500 पेटी अंग्रेजी शराब की रोज खपत, कीमत लगभग 42 लाख
- 9800 पेटी बियर की रोज खपत, कीमत लगभग 16 लाख रुपए
- 6100 पेटी देशी शराब की रोज बिक्री, कीमत लगभग 10 लाख रुपए

आचार संहिता लगते ही निर्वाचन विभाग ने रोजाना बेसिस पर आबकारी विभाग से शराब बिक्री का रिकॉर्ड मांगना शुरू कर दिया है। इसके तहत रोजाना हो रही शराब की बिक्री, कीमत और स्टॉक की जानकारी ऑनलाइन भेजी जा रही है। साथ में आबकारी विभाग की तरफ से की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी भी मंगवाई जा रही है। इसके अलावा शराब कारखानों से उत्पादन, शराब के डिस्पैच और स्टॉक रजिस्टर की जानकारी भी मंगवाई जा रही है। निर्वाचन विभाग ने आबकारी विभाग के गोदामों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए हैं, जिससे कि शराब की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड चैक किया जा सके। निर्वाचन विभाग के अधिकारी किसी भी समय की रिकॉर्डिंग मंगवाकर चैक कर सकते हैं।

इतनी है आबकारी विभाग की फोर्स :
- 8 सर्कल में बंटा है जयपुर शहर का आबकारी क्षेत्र
- 6 आबकारी निरीक्षक हैं पदस्थापित
- झोटवाड़ा सर्किल का चार्ज नॉर्थ इंचार्ज हरीश शर्मा के पास
- जगतपुरा सर्किल का चार्ज साउथ-ईस्ट इंचार्ज उमेश गुप्ता के पास
- 5 आबकारी थाने हैं जयपुर शहर में विभाग के
- इनमें 3 निरीक्षक, 5 एएसआई और करीब 50 जवान कार्यरत
- रोज करीब 25 स्थानों पर दबिश देती हैं ये टीमें

बहरहाल, आबकारी विभाग के अफसर चुनाव को लेकर सतर्क हो चुके हैं और दावा किया जा रहा है कि चुनावों के सीजन में जयपुर शहर में अवैध शराब की बिक्री पूरी तरह से बंद रहेगी। वहीं हरियाणा, चंडीगढ़ से आने वाली अवैध शराब का परिवहन भी रोका जाएगा। ऐसे में अब यह देखना होगा कि विभागीय अफसर अपनी तैयारी के अनुरूप अगले 2 माह में कितने सफल हो पाते हैं।

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