किसी भी तरह की हेल्प के लिए यहां संपर्क करें महिलाएं...

Published Date 2016/10/15 15:18, Written by- Ramswaroop Lamror

जयपुर | राजधानी जयपुर के सी-स्कीम इलाके में स्थित एक पब के बाहर से तीन लड़कियों को कार चालक द्वारा धोखे से गाड़ी में बैठाकर ले जाना और फिर अपहरण करके दुष्कर्म करने की कोशिश ने शहर में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्थाओं सवालिया निशान लगा दिया है। हालांकि जयपुर पुलिस ने घटना के दो दिन बाद पुलिस ने आरोपी युवक नीरज गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन इस तरह की घटनाओें की पुनरावृति रोकना बेहद जरूरी है। साथ ही सबसे जरूरी यह भी है कि इस तरह की वारदातों में महिलाओं तो तुरंत राहत कैसे मिले यानी महिलाएं अपने बचाव के लिए कहां सूचना दे| आज हम आपको बताएंगे कि जयपुर शहर में महिलओं की मदद करने के लिए सरकार की ओर से क्या इंतजाम किए गए हैं।

 

 

महिलाओं की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने 12 साल पहले वर्ष 2004 में विशेष पहल शुरु की थी। हेल्प लाइन के जरिए महिलाओं की फरियादें सुनी जाने लगी। बाद में जरूरतें बढने लगी तो अलग अलग  तरह की सैल बनाई गई है जहां विशेष रूप से महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचारों पर ये विंग उनकी मदद के लिए तत्परता से कार्रवाई करती है। सबसे पहले बात करेंगे जयपुर के पुलिस कंट्रोल में स्थापित महिला हेल्प लाइन की। इसकी स्थापना वर्ष 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने की और महिलाओं की हेल्प के लिए 1090 टोल फ्री नम्बर जारी किया गया। पिछले 12 सालों में करीब 12 हजार शिकायतें यहां दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अधिकतर शिकायतों को निवारण तत्काल प्रभाव से कर दिया जाता है लेकिन कई प्रकरण घरेलू हिंसा और दहेज संबंधी होने के चलते न्यायालय में विचाराधीन हैं। पुलिस कंट्रोल रूम में स्थापित महिला हेल्प लाइन की प्रभारी सरोज चौधरी ने बताया कि अधिकतर मामलों में महिलाएं आरोपित युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं चाहती है। पिछले तीन सालों में करीब सौ प्रकरणों में आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई|

 

 

महिला हैल्प लाइन विंग में तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने बताया कि 1 जनवरी 2015 को सरकार ने जयपुर, जोधपुर और कोटा में महिलाओं की सुरक्षा के लिए वाट्सअप हेल्प लाइन नम्बर भी जारी किए। जयपुर में वाट्सअप हेल्प लाइन विंग की प्रभारी सरोज चौधरी बताती हैं कि पिछले वर्ष वाट्सअप के जरिए कुल 175 शिकायतें दर्ज हुई थी। जिनमें चार प्रकरणों में प्रभारी कार्रवाई अमल में लाई गई। इस साल सितम्बर तक 57 शिकायतें दर्ज हुई हैं जिनमें तीन पर प्रभावी कार्रवाई की गई। जयपुर में वाट्सअप महिला हेल्प लाइन के दो नम्बर हैं। पहला नम्बर 8764868100 है जबकि दूसरा नम्बर 876486200 हैं। सरोज चौधरी का कहना है वाट्सअप हेल्प लाइन में अधिकतर शिकायतें अनजाने मोबाइल नम्बर से अश्लील मैसेज आने और फिजूल की बातें करने संबंधि शिकायतें आती है। ऐसे प्रकरणों में पुलिस कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन शिकायतकर्ता द्वारा कार्रवाई नहीं चाहने पर आरोपितों को हिदायत देकर छोड़ दिया जाता है|

 


महिला सुरक्षा के प्रति सजगता दिखाते हुए जयपुर जिला प्रशासन ने भी 1 जनवरी 2013 को गरीमा हेल्प लाइन शुरु की। तत्कालीन जिला कलक्टर कृष्ण कुणाल की पहल पर शुरु हुई इस गरीमा हेल्प लाइन में महिला काउंसलर पीड़ित महिलाओं की काउंसलिंग करती है और उन्हेें कानूनी मदद भी उपलब्ध करवाती है। यहां की काउंसलर लक्ष्मी बताती हैं कि वर्ष 2013 में 888, वर्ष 2014 में 867, वर्ष 2015 में 1295 और इस वर्ष सितम्बर तक साढे चार सौ शिकायतें उनके पास दर्ज हुई हैं। जिला प्रशासन ने भी 1 जनवरी 2015 से वाट्सअप हेल्प लाइन शुरु की जिसका नम्बर है 7891091111, जो महिलाएं आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं चलाती, वे गरीमा हेल्प लाइन में शिकायत करके आरोपियों को सिर्फ हिदायत दिलवाना चाहती है। केवल कुछ प्रकरण ही ऐसे होते हैं जिनमें आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जाती है| राज्य सरकार द्वारा शुरु की गई महिला हेल्प लाइन में महिलाओं के नाम पते पूर्णरूप से गोपनीय रखे जाते हैं। पीड़ित महिलाओं की पहचान सार्वजनिक नहीं किए जाने के कारण ही महिलाएं पुलिस थाने जाने के बजाय हेल्प लाइन की मदद लेती है।

 

 

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