राव ने कहा कि प्रदेश में उर्वरक खनिज पोटाश और ग्लुकोनाइट की खोज के लिए नागौर, गंगापुर (करोली)और सवाई माधोपुर में उत्खनन का काम चल रहा है। इन जिलों में पोटाश और ग्लुकोनाइट के भंडार मिलने से भारत की उर्वरक खनिज की आयात पर निर्भरता कम होगी।

राव के अनुसार राजस्थान में वर्ष 2010 से अब तक 8.11 करोड़ टन ताम्बे के भंडार का पता लगाया जा चुका है। जिसमें तांबे का औसत स्तर 0.38 प्रतिशत है। सिरोही जिले के देवा का बेड़ा, सालियों का बेड़ा और बाड़मेर जिले के सिवाना इलाकों में अन्य खनिज की खोज की जा रही है। इसके अलावा भीलवाड़ा जिले के सलामपुरा एवं इसके आस-पास के इलाके में भी सीसा जस्ता के भंडार मिले हैं।

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राजस्थान के उदयपुर—बांसवाड़ा में मिला 11.48 करोड़ टन सोने का भंडार

Published Date 2018/02/10 05:27, Written by- FirstIndia Correspondent

जयपुर। राजस्थान के उदयपुर एवं बांसवाड़ा जिले में करीब 40 हजार करोड़ रुपए कीमत के 11.48 करोड़ टन सोने के भंडार का पता लगाया गया है। इसे लेकर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग की ओर से खनिज की खोज की जा रही है। विभाग के महानिदेशक एन कुटुम्बा राव ने इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि उदयपुर और बांसवाडा जिले के भूकिया डगोचा में सोने के भंडार मिले हैं। ऐसे में राजस्थान में सोने की खोज में नई संभावनाएं सामने आई हैं।

कुटुम्बा राव ने बताया कि राजस्थान के बांसवाडा और उदयपुर जिले में 11.48 करोड़ टन के सोने के भंडार का पता लगा है। इसके साथ ही 35.65 करोड़ टन के सीसा जस्ता के संसाधन राजपुरा दरीबा खनिज पट्टी में मिले हैं। इससे पहले वर्ष 2010 से अब तक 8.11 करोड़ टन ताम्बे के भंडार का पता लगाया जा चुका है। हाल में सिरोही जिले के देवा का बेड़ा, सालियों का बेड़ा में खनिज की खोज की जा रही है। इसके अलावा बाड़मेर जिले के सिवाना इलाकों में भी अन्य खनिज की खोज जारी है। 

राव ने कहा कि प्रदेश में उर्वरक खनिज पोटाश और ग्लुकोनाइट की खोज के लिए नागौर, गंगापुर (करोली)और सवाई माधोपुर में उत्खनन का काम चल रहा है। इन जिलों में पोटाश और ग्लुकोनाइट के भंडार मिलने से भारत की उर्वरक खनिज की आयात पर निर्भरता कम होगी।

राव के अनुसार राजस्थान में वर्ष 2010 से अब तक 8.11 करोड़ टन ताम्बे के भंडार का पता लगाया जा चुका है। जिसमें तांबे का औसत स्तर 0.38 प्रतिशत है। सिरोही जिले के देवा का बेड़ा, सालियों का बेड़ा और बाड़मेर जिले के सिवाना इलाकों में अन्य खनिज की खोज की जा रही है। इसके अलावा भीलवाड़ा जिले के सलामपुरा एवं इसके आस-पास के इलाके में भी सीसा जस्ता के भंडार मिले हैं।

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