सरकारी अस्पताल के प्रसूता वार्ड में घूमते है आवारा कुत्ते 

Published Date 2018/07/11 11:38, Written by- FirstIndia Correspondent

कामां (भरतपुर)। राज्य सरकार चिकित्सा के क्षेत्र में अनेकों प्रकार की सुविधाएं आमजन को उपलब्ध करवा रही है। वहीं दूसरी ओर कामां मेवात के सरकारी अस्पताल में नवजातों और मरीजों की सुरक्षा के प्रति चिकित्सा विभाग कितना लापरवाह है, इसकी बानगी कामां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिल रही है, जहां हालातों को देखने के बाद यह जरूर यकीन किया जा सकता है की यहां कभी भी कोई बड़ी घटना घटित हो सकती है।

दरअसल कामां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूता, बच्चा वार्डों के अलावा अन्य वार्डों में आवारा कुत्ते घूमते नजर आ जाते है। जो कभी भी नवजात शिशु या मरीजों पर हमला कर सकते हैं। जिससे शिशुओं की जान भी जा सकती है, लेकिन वहां तैनात स्टाफ को यह सब दिखाई नहीं देता हैं। 

जब फर्स्ट इंडिया ने अस्पताल की जांच की तो कैमरे में आवारा कुत्तों के वार्डों में घूमें की तस्वीरें कैद हुई। जब इन तस्वीरों को चिकित्सा अधिकारी प्रभारी प्रमोद बंसल को दिखाया गया साथ ही इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया, साथ ही कहा कि, "यह काम उच्च अधिकारियों का है।"

इस संदर्भ में जब कामां के ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ.के डी शर्मा से पूछा गया तो,उन्होंने ने कहा की, "यह घोर लापरवाही है जिससे किसी भी प्रकार की घटना घटित हो सकती है। इसलिए आज ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को पाबंद कर आवारा कुत्तों के प्रवेश पर पाबंदी लगाईं जाएगी, साथ ही इस सन्दर्भ में मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोपाल राम को भी शिकायत की जाएगी।"

स्थानीय निवासी वीर सिंह सोनी के अनुसार, "उनकी पत्नी ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया है लेकिन परिजन इस बात को लेकर चिंतित है की वार्डों में आवारा कुत्ते घूमते है जिनसे बचाने के लिए हमको दिन-रात नवजात शिशु की निगरानी रखनी पड़ती है, लेकिन केंद्र प्रबंधक की तरफ से इस दिशा में कोई समाधान नहीं किया जा रहा है।" वही वार्ड में भर्ती में महिला मरीज ने बताया कि, "अस्पताल में किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं है अस्पताल के वार्ड में कुत्ते घूम रहे हैं और किसी दिन कोई भी बड़ी घटना घटित हो सकती है।" इसी दौरान महिला मरीज के बेड के नीचे ही कुत्ता बैठा हुआ था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अस्पताल प्रशासन को मरीजों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर कितना सतर्क है।  

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

loading...

-------Advertisement--------



-------Advertisement--------

26476