पाक‍ का हनीट्रैप : सेक्स चेट की ऐवज में खुफिया सूचनाएं देता था वायु सेना का ग्रुप कैप्टन

Published Date 2018/02/09 04:09, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली। वायु सेना के एक ग्रुप कैप्टन पर इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (ISI) के लिए जासूसी करने का आरोप लगा है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर प्रमोद कुशवाह ने इस बात की पुष्टि की। बताया जा रहा है कि आईएसआई ने हनीट्रैप के जरिये मारवाह से खुफिया जानकारी हासिल की।

इंडियन एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन 51 वर्षीय अरुण मारवाह पर पाक की आईएसआई को खुफिया जानकारी देने का आरोप है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, वायुसेना की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने उनसे करीब 10 दिनों तक पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें बुधवार को विशेष प्रकोष्ठ के उत्तरी संभाग को सौंपा गया। ग्रुप कैप्टन को 31 जनवरी को भारतीय वायुसेना ने संदिग्ध गतिविधियों की वजह से जांच के लिए हिरासत में लिया था।

दरअसल, मामला हनीट्रैप का है, जिसे पड़ौसी मुल्क पाकिस्तान की आईएसआई ने रखा और इसमें फंसकर कैप्टन अरुण ने सेना की खुफिया जानकारियां न सिर्फ लीक कर दी, बल्कि उनके गोपनीय दस्तावेज भी मुहैया करा दिए। इस मामले में उनके खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था और अदालत ने उनसे पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस हिरासत को मंजूरी दी है।

खबरों के मुताबिक, कुछ महीने पहले ISI के एक एजेंट ने लड़की बनकर एयरफोर्स के अधिकारी अरुण मारवाह से संपर्क किया था। भ्रम में फंसे अरुण मारवाह खूबसूरत लड़की की आवाज पर ही दीवाने हो गए, जबकि वह लड़का था। इसके बाद दोनों में फोन पर ही लगातार चैटिंग होने लगी। यह भी बताया जा रहा है कि चैटिंग के दौरान अरुण मारवाह उस कथित लड़की से अश्लील बात भी करते थे।

बताया जा रहा है कि मारवाह को आईएसआई ने फेसबुक के जरिये अपने हनीट्रैप में दिसंबर के मध्य में फंसाया था। मॉडल के तौर पर खुद को दिखाकर आईएसआई उनसे बात करता था। एक हफ्ते तक उत्तेजनात्मक बातचीत के बाद उन्हें वायुसेना से संबंधित दस्तावेजों को साझा करने के लिए कहा गया। पुलिस का कहना है कि मारवाह अंतरंग बातों के बदले जानकारियां साझा किया करता था। मारवाह द्वारा पाक खुफिया एजेंसियों को जो दस्तावेज मुहैया करवाए गए थे, उनमें ट्रेनिंग और युद्ध से संबंधित अभ्यास शामिल हैं।

आपको बता दें कि सेना के लिए सोशल मीडिया पर एक्टिव होने के लिए एक सख्त नियम हैं। इसके तहत सैनिकों को अपनी पहचान पद तैनाती और अन्य डिटेल साझा करने पर पाबंदी है। उन्हें वर्दी में अपनी तस्वीर लगाने पर भी पाबंदी है। ISI ने हनीट्रैप के जरिए फंसाया था पाक खुफिया एजेंसी ISI भारत में जासूसी करने के लिए हनीट्रैप का सहारा लेती है। इसमें जवानों को टारगेट किया जाता है।

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