शहरी विकास के लिए मोदी सरकार की नई योजना, पायलट प्रोजेक्ट में जयपुर भी शामिल

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/12 08:04

जयपुर (अभिषेक श्रीवास्तव)। स्मार्ट सिटी परियोजना और अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एण्ड अरबन ट्रांसफोर्मेशन (अमृत) के अलावा केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार शहरों के आधारभूत विकास के लिए एक और नई योजना लेकर आई है। इसके तहत शुरूआत में योजना के लिए देशभर के 25 शहरों का चयन किया गया है, जिनमें राजस्थान की राजधानी जयपुर भी शामिल है। 

गौरतलब है कि केन्द्रीय आश्सन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने हाल ही में यह नई योजना लॉन्च की है। इसके तहत शहर के मौजूदा घनी आबादी क्षेत्र का पुनर्विकास लोकल एरिया प्लान बनाकर और शहर के परिधीय क्षेत्र का नियोजित विकास टाउन प्लान स्कीम बनाकर किया जाएगा। लोकल एरिया प्लान और टाउन प्लान स्कीम किस तरह बनाई जाएगी, इस बारे में गाइडलाइन भी जारी कर दी है।

संबंधित राज्य सरकारों का क्या-क्या करना होगा:
-चिहिन्त शहर के लिए लोकल एरिया प्लान और टाउन प्लान स्कीम दोनों तैयार किए जाएंगे।
-इनको बनाने के लिए केन्द्र सरकार हर शहर को दो करोड़ रुपए देगी।
-योजना के तहत आधारभूत सुविधाओं के विकास की राशि राज्य सरकार को वहन करनी पड़ेगी।
-राशि के जुगाड़ के लिए राज्य सरकार जनता से बेटरमेंट शुल्क वसूल सकेगी।
-इसके अलावा भूमि की नीलामी से आवश्यक राशि की व्यवस्था की जा सकेगी।
-कोई प्लान तैयार करने के लिए प्रभावित लोगों से निकाय अधिकारी परामर्श लेंगे।
-प्लान लागू करने के लिए मौजूदा कानून-नियम में आवश्यक संशोधन करने पड़ेंगे।
-प्लान तैयार करने के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त करनी होगी।
-नगर नियोजन विभाग को इस नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाएगी।
-प्लान बनाने के लिए निकाय के न्यूनतम छह और सरकार के दो अधिकारियों को प्रशिक्षित करना होगा।

केन्द्र सरकार की इस योजना के तहत इस प्रकार हर शहर में दो अलग-अलग क्षेत्र चिहिन्त किए जाएंगे। मौजूदा क्षेत्र पुनर्विकास के लिए और परिधीय क्षेत्र नए सिरे से विकास के लिए चिहिन्त किया जाएगा। पुनर्विकास के लिए लोकल एरिया प्लान के तहत फॉर्म बेस्ड कोड जैसी  नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक के तहत इमारतों के बाहरी स्वरूप में एकरूपता, रास्ते,गलियों के आकार, खुले चौक या मैदानों का संरक्षण आदि पर काम किया जाएगा।

इसी तरह शहर के परिधीय क्षेत्र के विकास के लिए टाउन प्लान स्कीम के तहत लैंड पूलिंग की जाएगी। लैंड पूलिंग में सड़क, सुविधा क्षेत्र और अन्य आधारभूत विकास के लिए आवश्यक भूमि को छोड़कर शेष भूमि भूमि मालिकों में बांट दी जाएगी। लैंड पूलिंग से भूमि अवाप्ति का भारी-भरकम खर्च भी राज्य सरकार पर नहीं आएगा।

यूं तैयार होगें लोकल एरिया प्लान और टाउन प्लान स्कीम :

-प्रोजेक्ट एरिया चिहिन्त कर उसे अधिसूचित किया जाएगा।
-भूमि मालिक व प्रभावित लोगों से प्रोजेक्ट को लेकर परामर्श लिया जाएगा।
-यह सारा काम दो महीने में पूरा करना होगा।
-प्रोजेक्ट एरिया का सर्वे किया जाएगा।
-एरिया में लागू मास्टरप्लान व अन्य प्लान का रिव्यू किया जाएगा।
-तैयार किए जाने वाले लोकल एरिया प्लान में ले आउट प्लान,लैंड यूज प्लान और पुनर्विकास के प्रस्ताव शामिल किए जाएंगे।
-आधारभूत सुविधा के विकास के लिए प्रोजेक्ट चिहिन्त किए जाएंगे।
-यह सारा काम 8 से 10 महीने में पूरा किया जाएगा।
-लोकल एरिया प्लान तैयार मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
-सरकार की स्वीकृति के बाद फाइनल प्लान को अधिसूचित किया जाएगा।
-यह काम दो महीने में पूरा किया जाएगा।
-इस तरह लोकल एरिया प्लान 12 महीने में और टाउन प्लान स्कीम 14 महीने में तैयार होगी।

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