उपेक्षा का दंश झेल रहा है एतिहासिक गड़ीसर तालाब

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/06 08:56

जैसलमेर। स्वर्ण नगरी की जिस पुरातन धरोहर को देखने लाखों सैलानी खिंचे चले आते हैं, उस अमानत की सुरक्षा को लेकर किसी को चिंता ही नहीं है। हालांकि पर्यटन व्यवसाय से वर्षभर में करोड़ों का व्यापार होता है, कई लोगों की आजिविका चलती है, लेकिन इसका आधार लगातार कमजोर होता जा रहा है। 

गौरतलब है कि शहर में सैकड़ों वर्ष प्राचीन गड़ीसर सरोवर की पुरी सम्पदा ध्वस्त होने की कगार पर है। इसकी छतरियां, बंगलियां व कंगूरे जर्जर हो रहे हैं। कई पत्थर निकल चुके हैं, लेकिन उन्हें संभालने या देखने वाला कोई नहीं है। ऐसे में इन्हें निहारने पहुंचने वाले सैलानियों का मोह भंग होता जा रहा है। 

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