IPL में नंबर 2 बॉलर होने के बावजूद भी टैंपो चलाकर भर रहे पेट बुमराह के दादा

Published Date 2017/07/04 17:47, Written by- FirstIndia Correspondent

भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह के 84 वर्षीय दादा संतोखसिंह बुमराह बुढ़ापे में टेंपो चलाकर पेट पालने को मजबूर हैं। संतोख सिंह उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के किच्छा में आवास विकास कॉलोनी में किराए के मकान में रहते हैं। पिता की मौत के बाद जसप्रीत और उनकी मां दलजीत परिवारिक कारणों से अपने दादा से अलग हो गए थे। वे फिर कभी दादा से नहीं मिले। दलजीत तब स्कूल में प्रिंसिपल थीं।

 


संतोख कहते हैं, ‘मेरी यह दुआ है कि पोता क्रिकेट के खेल में खूब तरक्की करे और देश का नाम रोशन करे। मेरी आखिरी तमन्ना है कि एक बार अपने पोते को गले से लगा सकूं।’ संतोखसिंह ने स्थानीय एसडीएम नरेश दुर्गापाल से आर्थिक मदद की गुहार की है। जसप्रीत बुमराह के दादा अपने एक दिव्यांग बेटे के साथ किराये के टूटे फूटे कमरे में रह कर ऑटो टैम्पो चलाकर अपनी गुजर बसर कर रहे हैं। बुमराह के दादा के पास कभी अहमदाबाद में तीन फैक्ट्रियां थी, लेकिन वो सब अब बीते दिनों की बात हो गई है।

 


Indian Cricketer, Jasprit Bumrah, Auto driver, Jasprit Bumrahs grandfather, Bowler

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

Stories You May be Interested in


Most Related Stories


-------Advertisement--------