जोधपुर में नकल गैंग का पर्दाफाश, भर्ती परीक्षाओं में नकल करवाने वाले 11 गिरफ्तार

Published Date 2018/07/11 05:56, Written by- FirstIndia Correspondent

जोधपुर। जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने एक बड़े नकल गिरोह का राजफाश करते हुए पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में नकल करवाने वाले 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पिछले लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर परीक्षार्थियों से लाखों रुपए ले रहा था और हाल ही मे आयोजित होने वाली पुलिस कॉन्स्टेबल, पीटीआई और लाईब्रेरियन की परीक्षा के लिए लाखों रुपए जमा किए थे। 

प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान नकल करवाने के लिए बदनाम हो चुके मारवाड में एक बार फिर जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने नकल गिरोह का राजफाश करने मे सफलता हासिल की है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नकल करवाने को लेकर कुख्यात आरोपी जगदीश विश्नोई प्रदेश की पुलिस के लिए पहले ही सरदर्द बना हुआ था और इसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 25 हजार रुपए का ईनाम भी घोषित कर रखा था। इसी दौरान पुलिस को एक बडी कामयाबी मिली है।

तीन दिन बाद प्रदेश मे आयोजित होने वाली पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में परीक्षार्थियों को नकल करवाने वाले गिरोह के सरगना भीखाराम जाणी को गिरफ्तार करने मे पुलिस ने सफलता हासिल की है। भीखाराम जाणी जगदीश जाणी का भाई है और वह यह गिरोह संचालित कर रहा था।

पुलिस महानिरीक्षक जोधपुर रेंज हवासिंह घुमरिया ने बताया कि यह गिरोह चार तरीके से परीक्षार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा पास करवाने की गांरटी लेता था। इन तरीकों में पहला परीक्षा का पेपर आउट करवाकर, दूसरा पूरा परीक्षा सेंटर मैनेज करके, तीसरा कान मे ब्लू टूथ या अन्य इलेक्ट्रोनिक आईटम से नकल करवाना और चौथा फर्जी परीक्षार्थी को परीक्षा मे बैठाना शामिल है।

आईजीपी हवासिंह घुमरिया ने बताया कि तीन महीने पहले हमें इसका इनपुट मिला था और इस पर हमारी टीम ने काम किया। कड़ी से कड़ी जोडते हुए गिरोह सरगना भीखाराम जाणी सहित 11 आरोपी को दबोचा है। इनमे अरूण कुमार, सुरेश कुमार, रामदीन विश्नोई, रमेश प्रजापत, रघुवीरसिंह, भंवरलाल विश्नोई, हरिनारायण विश्नोई, मालाराम विश्नोई, मनीष विश्नोई, निर्मल पालीवाल को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों मे सरगना भीखाराम अपना कोचिंग सेटर अनुपम क्लासेज चलाता है, वहीं कुछ आरोपी सौदा तय करने कुछ आरोपी परीक्षार्थियों के फोटो मिक्सिंग करने और कुछ आरोपी किसी दूसरे की जगह परीक्षा देने का काम करते हैं।

घुमरिया ने इस गिरोह के साथ कुछ चिकित्सकों के भी मिले होने का अंदेशा जताया है, जो परीक्षार्थियों के इलेक्ट्रोनिक डिवाइस लगाने का काम करते थे। वहीं पूछताछ मे दो दर्जन से अधिक लोगों के नाम सामने आने की संभावना है। घुमरिया ने गिरोह के साथ सरकारी कर्मचारियों की भूमिका होने की बात से भी इंकार नहीं किया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ मे जुटी है।

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