तंत्र और शक्ति उपासना का माह है 'आषाढ़', रखें इन बातों का ख्याल

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/06/29 05:42

नई दिल्ली। हिन्दू पंचांग का चौथा महीना आषाढ़ धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। एक तो ये संधि काल का महीना है, तो वहीं इसी महीने से वर्षा ऋतु की शुरुआत होती है। विज्ञान का भी मानना है कि इस महीने में रोगों का संक्रमण सर्वाधिक रहता है। इस बार आषाढ़ मास 29 जून से 27 जुलाई तक रहने वाला है, जिस दौरान आपको कुछ बातों का ख्याल रखना आव्शयक है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ मास के पहले दिन खड़ाऊं, छाता, नमक तथा आंवले का दान किसी ब्राह्मण को करने से लाभ मिलता है। वहीं इस दौरान सूर्य और देवी की उपासना से लाभकारी फल मिलते हैं।

इस महीने में तंत्र और शक्ति का प्रभाव बढ़ जाता है, यही कारण है कि लोग आषाढ़ में "गुप्त नवरात्रि" भी करते हैं। बता दें कि इस माह में किसी भी शुभ काम को करने से लोगों को बचना चाहिए, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक आषाढ़ से लेकर अगले चार माह तक हर तरह के शुभ कार्यों की वर्जना रहती है।

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