स्वच्छ सर्वेक्षण में जाने उदयपुर की ग्राम पंचायतों का हाल 

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/08/10 11:14

कुराबड़(उदयपुर)। अगस्त माह में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 चल रहा है। जिसके तहत अपने गांव और पंचायत कितनी स्वच्छ है इसके बारे मूल्यांकन करके बताना है। कुराबड़ पंचायत समिति की सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन की स्थिति कितनी कारगर है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश सहित विदेशों में स्वच्छ भारत मिशन की तारीफ करते हुए स्वच्छता की अलख जगाने में जुटे हैं। वहीं कुराबड़ पंचायत समिति के हालात बद से बदतर है। लगभग आधा दर्जन पंचायतों को छोड़कर बाकी की स्थिति गंदगी से अटी पड़ी नालियों और कचरे के ढेर लगे है। हालांकि समय-समय पर ग्राम पंचायत सफाई अभियान चलाकर गंदगी को हटवाने की कोशिश करती है। 

प्रधान पंचायत समिति के हालात: 

कुराबड़ पंचायत समिति में हालत बद-से-बदतर होते जा रहे है। पंचायत समिति कार्यालय के सामने लोग खुले में शौच जाते है। वहीं ढाया की हेर, कुराबड़-अडिण्दा मार्ग पर कूड़े का खेत दिखाई देता है। वहीं कुराबड़ थाने के अंदर और बाहर जिधर भी देखो गंदगी ही गंदगी दिखाई दे रही है। वन विभाग के मुख्य कार्यालय की दीवार से सटी जमीन पर गंदगी का जमावड़ा है। ब्लॉक शिक्षा कार्यालय के समीप बहने वाली रुपारेल नदी गंदगी और कचरे से भरी हुई है। यही नहीं बजरी माफियाओं ने नदी को तबाह कर देने की कगार पर खड़ा कर दिया है। विद्युत विभाग के सहायक अभियंता कार्यालय के सामने गोबर अटा पड़ा है।

जिला प्रमुख के गांव का हाल:

जिला प्रमुख शांती लाल मेघवाल के गांव बम्बोरा की हालत भी कुराबड़ के जैसी ही है। बाजार में प्रवेश करते ही लोगों को गंदगी का सामना करना पड़ता है। यहां के बाजार में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर आ रहा है। बम्बोरा-सिहाड़ मार्ग पर गंदगी का साम्राज्य नजर आता है,जबकि यहां की सरपंच लीला देवी जिला प्रमुख की पत्नी है। जबकि शिक्षा समिति चेयरमैन गुलाब सिंह और उपप्रधान भी इसी ग्राम पंचायत समिति के निवासी है। पंचायत समिति सदस्य और भाजपा मंडल अध्यक्ष गंगा राम डांगी के ग्राम पंचायत परमदा के हालात भी यहीं है। रोड, स्कूल और ग्राम पंचायत के सामने गंदगी पसरी हुई है।

सभी ग्राम पंचायतों के हालात भी लगभग एक से:

चासदा, झामर कोटडा, जगत, बेमला, कोट, वल्लभ, दंतीसर, सोमाखेड़ा, फिला, वली, लालपुरा, शिशवी, भेसड़ा कला, भेसड़ा खुर्द समेत कई ग्राम पंचायतों के हालात यह है कि स्कूल और गांवों के बीचो-बीच गंदगी पसरी हुई है। पंचायत मुख्यालय के ठीक 50 मीटर की दूरी पर हालात इस कदर बिगड़े हुए है कि लोगों को नाक-भौह सिकुड़ कर जाना पड़ता है। वही जोधपुरिया-साठपुर मार्ग पर हालात ख़राब है। भल्लो का गुडा, साकरोदा, बिछड़ी, जिंक स्मेल्टर, गुड़ली के हालात थोड़े ठीक है
 

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