मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है 'हल्का संगीत' 

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/06/30 06:15

नई दिल्ली। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य भी बहुत जरुरी है। भागदौड़ भरी और व्यस्त दिनचर्या के चलते इंसान का ध्यान इस और जाता ही नहीं है। मस्तिष्क में स्फूर्ति के लिए विश्राम के साथ साथ संगीत का भी महत्वपूर्ण योगदान है। 

गौरतलब है कि पुरातन समय से हमारे देश में राग चिकित्सा और नाद योग का उपयोग अवसाद, विषाद, दबाव, प्रतिबल आदि मानसिक विकृतियों को ठीक करने में होता रहा है। राग चिकित्सा और नाद योग संगीत चिकित्सा का ही हिस्सा है। नाद योग में वाद्य यंत्र ध्वनि के इलाज होता है जबकि राग चिकित्सा में कुछ चुने हुए राग का इस्तेमाल संगीत मनोचिकित्सक करते हैं। संगीत व्यक्ति को मानसिक रूप से स्वस्थ बनाता है और मस्तिष्क में ऊर्जा का संचार करता हैं।

बढ़ती उम्र का दबाव हो या किशोरावस्था का प्रतिबल हर प्रकार की चिंता में तबला, हारमोनियम, सितार, वीणा, तानपुरा अन्य विभिन्न वाद्य यंत्रों का संगीत मस्तिष्क में कंपन कर शांति प्रदान करता है। इसलिए जरुरी है की रोजाना हल्का संगीत सुना जाये। हल्का संगीत व्यक्ति के मन:स्थिति को ठीक करके उसके जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार करता है। 

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