क्या है ले बाल :
दरअसल, पेरिस में आयोजित किया गया ये कार्यक्रम 'ले बाल' के नाम से जाना जाता है, जिसमें एक दर्जन से अधिक देशों के 20 युवा लड़के एवं 20 लड़कियां शामिल होती हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन पहली बार वर्ष 1992 में किया गया था। इसका आयोजन कल्चर, कैवेलियर्स और फंडराइजिंग यानि कि धन अर्जित करने के लिए किया जाता है। इस कार्यक्रम में खेल, कला, राजनीति एवं व्यवसाय से जुड़े प्रभावशाली परिवारों के नवोदित युवाओं को शामिल किया जाता है।

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पेरिस के 'ले बाल' कार्यक्रम में झूमे जयपुर के महाराजा पद्मनाभ सिंह

Published Date 2017/11/27 02:41, Written by- Pawan Tailor

जयपुर। जयपुर के महाराजा पद्मनाभ सिंह उस वक्त इंटरनेशनल मीडिया के लिए खासा आकर्षण बने, जब वे यहां पेरिस में आयोजित 25वे वार्षिक बाल डेस डेब्यूटेंट्स कार्यक्रम में फिल्म 'ला ला लेंड' के गाने पर झूमते नजर आए। इस दौरान अभिनेत्री रीज विदरस्पून की बेटी और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पोलो खिलाड़ी एवा फिलिप भी उनके साथ झूमती हुई दिखाई दी।

दरअसल, ये नजारा पेरिस में शनिवार को आयोजित किए गए एक विशेष कार्यक्रम 'ले बाल' का है, जहां पद्मनाभ सिंह हॉलीवुड की हिट फिल्म 'ला ला लेंड' के गाने पर एवा फिलिप के साथ डांस फ्लोर पर थे। अपने दोस्तों और परिवार वालों में 'पाचो' के नाम से पहचाने जाने वाले जयपुर के महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह इससे पहले पोलो के मैदान में नजर आते रहे हैं।

अक्सर पोलो के मैदान में नजर आने वाले पद्मनाभ सिंह के लिए ये एक नया स्टेज था, जहां उन्होंने बखूबी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जैसे ही पद्मनाभ और एवा डांस फ्लोर पर पहुंचे और दोनों ने वाल्ट्ज (ले बाल का पारंपरिक शुरूआती नृत्य) शुरू किया, वैसे ही वे इंटरनेशनल मीडिया के लिए आकर्षण का केन्द्र बन गए। मीडिया से बात करते हुए पद्मनाभ ने बताया कि, वे पिछले कुछ हफ्तों से अपने दोस्तों से वाल्ट्ज डांस के स्टेप सीख रहे थे।

क्या है ले बाल :
दरअसल, पेरिस में आयोजित किया गया ये कार्यक्रम 'ले बाल' के नाम से जाना जाता है, जिसमें एक दर्जन से अधिक देशों के 20 युवा लड़के एवं 20 लड़कियां शामिल होती हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन पहली बार वर्ष 1992 में किया गया था। इसका आयोजन कल्चर, कैवेलियर्स और फंडराइजिंग यानि कि धन अर्जित करने के लिए किया जाता है। इस कार्यक्रम में खेल, कला, राजनीति एवं व्यवसाय से जुड़े प्रभावशाली परिवारों के नवोदित युवाओं को शामिल किया जाता है।

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