महिला दिवस पर पीएम मोदी ने झुंझुनूं में दिया नया मंत्र, कहा — आज से PM मतलब मोदी नहीं, पोषण मिशन

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/03/08 03:37

झुंझुनूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजस्थान के झुंझुनूं में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं अभियान का विस्तार किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने एक नया मंत्र देते हुए कहा कि आज से PM मतलब मोदी नहीं, बल्कि पोषण मिशन है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत की और इस दौरान उनके साथ प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत कई मंत्रीगण भी मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने झुंझुनूं जिले की तारीफ करते हुए कहा कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जिस शानदार तरीके से अपनाया है। यहां के परिवारों ने जो काम किया है, उससे स्वाभाविक रूप से मन किया कि चलो झुंझुनूं की मिट्टी को माथे से लगाकर आ जाता हूं। शिक्षा का काम हो, दान-पुण्य का काम हो, युद्ध हो या अकाल झुंझनूं झुकना नहीं चाहता है। इसलिए झुंझुनू से प्रेरणा मिलती है, सफलता मिलती है तो संतोष होता है कि चलो भाई कुछ सुधार आया।

इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे यहां दो बड़ी सौगातें देने आये हैं, जिनमें एक तो भावी पीढी को सशक्त करने के लिए नेशनल न्यूट्रीशन की सौगात और दूसरी बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान है। पीएम ने कहा कि झुंझुनूं झुझरसिंह की धरती है और यहां पर घर-घर में वीरांगनाएं हैं। आज पूरे राजस्थान में इतिहास को देखो तो पन्नाधाय हाड़ी रानी की धरती है।

उन्होंने कहा कि बेटी पढ़ेगी—लिखेगी तो समाज सशक्त, घर सशक्त और प्रदेश भी सशक्त होगा। हम मेहनत करके बेटी को पढाने पर ध्यान दे रहे हैं, हमने अभियान को आगे बढ़ाया है। अच्छे मार्क्स लाने वाली बच्चियों को लैपटाप स्कूटी दी जा रही है, कलेक्टर्स ने बेटियों को गोद लिया है। इसके अलावा अनेकानेक अच्छे अच्छे काम झुंझुनूं में हुए हैं और देश के टॉप दस जिलों में झुंझुनूं भी शामिल हुआ है।

महिला दिवस पर यहां आए पीएम ने महिलाओं और बेटियों का जिक्र करते हुए कहा कि बेटियां हमारे लिए दुर्गा सरस्वती का रुप है। आज 8 मार्च पूरा विश्व 100 साल से भी अधिक समय से महिला दिवस के रुप में इससे जुड़ा हुआ है, लेकिन आज पूरा हिंदुस्तान झुंझूनूं के साथ जुड़ गया है। देश के हर कोने में टैक्नॉलोजी की मदद से झुंझुनूं का भव्य दृश्य देश के कौने कोने में पंहुच रहा है।

पीएम ने कहा कि मैं झुंझुनूं ऐसे ही नहीं आया हूं, सोच विचार करके आया हूं। और आया क्या आपने मुझे खींच लिया है, आपने मुझे यहां आने के लिए मजबूर कर दिया है। आपने बेटी बेटी पटाओ अभियान को इस जिले में आगे बढ़ाया, यहां के हर परिवार ने एक बहुत बड़ा उम्दा काम किया है। इसीलिए मेरा मन किया कि चलो झुंझुनूं की मिट्टी को माथे पर चढ़ा कर आते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि मैंने ऐसे भी परिवार देखे हैं, जहां बूढे मां बाप हो, बंगले हो, गाड़ियां हो, लेकिन मां बाप अनाथ आश्रण में रहते हैं। ऐसे भी परिवार देखे हैं जहां इकलौती बेटी मा बांप की सेवा रोजगार करती है, मेहनत करती है। इसलिए समाज में जो सोच बनी है, जो विकृति बनी है, उससे बाहर आना है। सामाजिक आंदोलन हम सबकी जिम्मेदारी है। सफलता—विफलता का दोष भले ही सरकार को दे दें, लेकिन परिवार को इसे आंदोलन के रुप में लेना होगा।

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