डूंगरपुर में आयोजित हुई राष्ट्रीयस्तर के जैविक विशेषज्ञों की कार्यशाला

Published Date 2016/12/21 15:31, Written by- FirstIndia Correspondent

डूंगरपुर | मंगलवार को डूंगरपुर में पहली राष्ट्रीयस्तर के जैविक विशेषज्ञों की कार्यशाला आयोजित की गई। तमिलनाडु के जैविक विशेषज्ञ, कृषि विभाग के अतिरिक्त सहायक निदेशक ने किसानों, कृषि विभाग से जुडे़ कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया। विशेषज्ञ की टीम में आईआईटी स्पेशलिस्ट एथि राजलु, एमटेक लक्ष्मणन, एमटेक प्रवीणा श्रीधर, सहायक कृषि निदेशक डॉ. शरद गोदा ने जैविक डूंगरपुर का महत्व समझाया।

 

उन्होंने बताया कि जैविक डूंगरपुर में फिलहाल लाभान्वित जैविक अनुदान योजना शुरू की गई है। जिसमें प्रत्येक किसान को 60 हजार रुपए दिए जाएगे। जो अपने खेत, घरों और अन्य जगह पर जैविक खाद का उत्पादन करेंगा। उन्होंने बताया कि जो भी किसान गोबर का संग्रहण करेंगा। वो मासिक 10 से 20 हजार रुपए घर बैठे कमा सकता है। इसमें किसानों और पशुपालकों को किसी भी प्रकार की लागत नहीं लगेगी।

 

कृषि विभाग की ओर से प्रत्येक किसानों को वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए बेड दिया जाएगा। जिसमें किसान आसानी से जैविक खाद का निर्माण करेंगा। कार्यशाला में कृषि उपनिदेशक गौरीशंकर कटारा, सहायक निदेशक परेश पंडया, गोपालनाथ योगी, अश्विनीकुमार वाजपेयी, कृषि अधिकारी जीवराम ताबियाड़ ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों को समझाया। अतिरिक्त सहायक निदेशक डॉ. शरद गोदा ने बताया कि आने वाले समय में जिस किसान के पास गाय और बैल होंगे वे दोहरे लाभ में रहेगा। वहीं जिन किसानों के पास गाय और भैंस नहीं है उन्हें प्रयास कर गौशाला की ओर से गाय दिलाने के प्रयास किए जाएगे।

 

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