..तो क्या सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी लग सकता है टैक्स?

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/06/03 04:55

आज कल लोग फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप पर अपनी बातों को दुनिया के सामने रखते हैं और सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे से विचारों का आदान-प्रदान आसानी से करते हैं। ये कहना गल्त नहीं होगा कि सोशल मीडिया के जरिये दो अनजान लोग भी एक-दूसरे से जुड़कर सभ्यता, संस्कृति और रहन-सहन को अडॉप्ट कर रहें है। 

वर्तमान समय में लोगों की भाग-दौड़ वाली जीवन शैली ने उन्हें समाज से अलग करने का काम किया है। ऐसे में सोशल मीडिया ही एक सहारा है, जिसके माध्यम से लोग एक दूसरे से जुड़ पाते हैं। लेकिन जरा सोचिए कि अगर सोशल मीडिया पर भी सरकार टैक्स लगाना शुरू कर दे तो? 

सोचने में ये बात आपको थोड़ी नई जरूर लग रही होगी, लेकिन हम आपको बता दें कि ये उतनी भी नई नहीं है। जी हां, दुनियां के कुछ देशों ने इस बारे में सोचना शुरू कर दिया है कि क्या सोशल मीडिया पर टैक्स लगाया जा सकता है? यहां तक कि युगांडा की सरकार ने सोशल मीडिया के उपयोग पर टैक्स लगाने वाले कानून को मंजूरी भी दे दी हैं, जिसके तहत सोशल मीडिया का उपयोग करने वालों को रोजाना 3 रुपये 36 पैसे देने होंगे। 

इन कारणों से युगांडा में लगेगा सोशल मीडिया पर टैक्स

1 जुलाई से युगांडा में शुरू होने वाले सोशल मीडिया टैक्स कानून को किस तरह से लागू किया जाएगा, इस बारे में वहां असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इतना ही नहीं, वहां की सरकार फिलहाल ये बताने में भी असमर्थ है कि वो कैसे पता लगाएगी कि कौन सोशल मीडिया का कितना इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि वहां के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवनी इस कानून को सही मानते हैं। 

युगांडा में सोशल मीडिया पर टैक्स का समर्थन करते हुए योवेरी मुसेवनी ने कहा है कि "इस तरह का कानून इसलिए लाया जा रहा है ताकि हम सोशल मीडिया पर अफवाहों को रोक सके।", वहीं युगांडा के वित्त मंत्री डेविड बहाटी का मानना है कि सोशल मीडिया पर लगाए गए टैक्स से वो युगांडा के राष्ट्रीय कर्ज़ को कम कर पाएंगे।"

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति मुसेवनी ने मार्च में ही इस कानून को लागू कराने को लेकर वित्त मंत्रालय को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें लिखा था कि सोशल मीडिया पर टैक्स लगाना देश हित में होगा और इससे अफ़वाहों से उबरने में मदद मिलेगी।

भारत में अगर लगे ऐसा टैक्स तो?

अगर भारत में इस तरह के कानून को मंजूरी मिलती है, तो देश में सोशल मीडिया के द्वारा फैलने वाली अफवाहों और फेक न्यूज पर लगाम लग जाएगी, ये एक वाद-विवाद का विषय है। लेकिन इतना जरूर है कि सोशल मीडिया पर टैक्स लगाना देश की इकॉनमी के लिए भी कोई बहुत बड़ा क्रांतिकारी कदम नहीं है। भारत में इंटरनेट और साइबर क्राइम मामलों के जानकार पवन दुग्गल का मानना है कि अगर सरकार सोशल मीडिया पर टैक्स लगा भी देती है, तो भी इससे कोई बड़ा फायदा नहीं होगा क्योंकि देश की बहुत बड़ी आबादी अभी भी इस संसाधन को इस्तेमाल नहीं करती है।

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