चिकित्सा विभाग की 'गलफांस' बनी नर्सेज भर्ती

Vikas Sharma Published Date 2018/05/16 07:48

जयपुर (विकास शर्मा)। प्रदेश में चार हजार से अधिक पदों पर नर्सेज की भर्ती प्रक्रिया चिकित्सा विभाग के लिए गलफांस बनती जा रही है। भर्ती की घोषणा किए डेढ़ माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक आवेदन की प्रक्रिया शुरू तक नहीं हो पा रही है। नर्सेज की तरफ से विरोध के स्वर उठते देख आवेदन की प्रक्रिया की तिथि को चौथी बार आगे बढ़ाया गया है।

आपको बता दें कि चिकित्सा विभाग ने अनुसूचित क्षेत्र के लिए 311 व गैर अनुसूचित क्षेत्र के लिए 4155 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया 12 अप्रेल से शुरू करना तय किया था। लेकिन विज्ञापन जारी होने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया को लेकर नर्सेज में दो धड़े हो गए हैं। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट एसोसिएशन मौजूदा भर्ती प्रक्रिया का विरोध जता रही है।

एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव भरत बेनीवाल ने कहा कि चिकित्सा विभाग ने हाल ही में स्टाफ नर्स ग्रेड द्वितीय की चार हजार से अधिक भर्तियां निकाली है। यह भर्ती विभागीय प्रक्रिया से कराई जा रही है, जबकि प्रदेशभर में दो लाख से अधिक बेरोजगार नर्सेज हैं। ऐसे में अंकों के आधार मैरिट के बजाय RPSC या अधीनस्थ आयोग से लिखित परीक्षा कराई जानी चाहिए। बेरोजगार नर्सेज की संख्या को देखते हुए अन्य रिक्त 8000 पदों को भी भर्ती में शामिल किया जाना चाहिए।

जबकि दूसरी ओर, दूसरा धड़ा बोनस अंक के आधार पर भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहा है। ऐसे में विभाग के सामने सबसे बड़ी समस्या ये है कि आखिर किस प्रक्रिया से भर्ती कराई जाए। सरकार स्तर पर इस बारे में फैसला विचाराधीन है, जिसके चलते डेढ़ माह में चौथी बार आवेदन की तिथि बढ़ाई गई है।

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