सरेआम होती है निजी बसों में ओवरलोडिंग, किसी को नहीं पड़ता फर्क

Published Date 2018/06/09 08:34,Updated 2018/06/09 08:41, Written by- FirstIndia Correspondent

पचेरी(झुंझुनूं)। एक ओर जहां देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को विकास की राह में बुलेट ट्रेन की रफ्तार प्रदान करने के जुटे हैं, वहीं राजस्थान में एक गांव ऐसा भी है जहां लोगों को रोडवेज बस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में आवागमन के लिए गांव के लोगों को खासी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। वहीं जिन बसों का यहां से चलने वाली बसों के हालात ठीक वैसे ही होते हैं, जैसे किसी भर्ती परीक्षा के लिए जाने वाली बसों के होते हैं।

दरअसल, ये गांव झुंझुनूं जिले का पचेरी गांव है, जहां रोडवेज बसों का संचालन नहीं हो रहा हैं, जिसके चलते ग्रामीणों और विद्यार्थियों को निजी बसों में सफर करना पड़ता हैं। निजी बसों के ओवरलोड होने के कारण हमेशा हादसों की आशंका बनी रहती है, लेकिन पुलिस प्रशासन ने इस पूरे मामले को देखकर भी अनदेखा कर रखा है। जबकि कानूनी तौर पर ओवरलोड बसों का चालान होता है और बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान हैं।

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